Hazaribagh : हजारीबाग के चौपारण थाना क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है. 8 साल की मासूम बेटी को बचाने की कोशिश में एक पिता ने अपनी जान गंवा दी. कुएं के पास लटक रहे बिजली के तार ने देखते ही देखते पूरे परिवार को अपनी चपेट में ले लिया. इस हादसे में एक की मौत हो गई, जबकि बच्ची समेत पांच लोग गंभीर रूप से झुलस गए.
कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के मुताबिक, चौपारण थाना क्षेत्र के ब्रहमोरिया गांव में 8 वर्षीय ईशा कुमारी घर के पास स्थित कुएं के करीब पहुंची थी. इसी दौरान वह बिजली के करंट की चपेट में आ गई. मासूम को तड़पता देख परिवार के लोग उसे बचाने दौड़े, लेकिन एक-एक कर सभी करंट की चपेट में आते चले गए. कुछ ही सेकेंड में खुशहाल परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा.

पिता ने बचाई बेटी, लेकिन गंवा दी जान
बेटी की जान बचाने के लिए सबसे पहले उसके पिता नरेश भुइया आगे आए. उन्होंने बिना अपनी जान की परवाह किए बेटी को बचाने की कोशिश की, लेकिन तेज करंट की चपेट में आने से उनकी मौके पर ही हालत गंभीर हो गई. अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. उनकी मौत के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है.
पांच लोग गंभीर, एक को किया गया रेफर
इस हादसे में रीना देवी, ईशा कुमारी, कुंजियां देवी, भुनेश्वर भुइया समेत कुल पांच लोग गंभीर रूप से झुलस गए. सभी घायलों को चौपारण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टर डीएन ठाकुर, डॉ. पुष्पा कुमारी और डॉ. मनोज गुप्ता की देखरेख में इलाज चल रहा है। गंभीर हालत को देखते हुए एक घायल को बेहतर इलाज के लिए हजारीबाग रेफर किया गया है.
ग्रामीणों में गुस्सा, बिजली विभाग पर उठे सवाल
घटना के बाद गांव में शोक के साथ-साथ आक्रोश भी है. ग्रामीणों का आरोप है कि इलाके में लंबे समय से बिजली के जर्जर और झूलते तार हादसों को न्योता दे रहे हैं, लेकिन विभाग ने कभी इन्हें बदलने की पहल नहीं की. लोगों ने बिजली विभाग से तत्काल पुराने तार बदलने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है.
प्रशासन ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन मौके पर पहुंचा और मामले की जांच शुरू कर दी है. साथ ही हादसे के कारणों की पड़ताल की जा रही है. प्रशासन ने पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता का भरोसा भी दिया है.
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