Chaibasa: पश्चिमी सिंहभूम जिले के उपायुक्त मनीष कुमार के मार्गदर्शन में सोमवार को जिला प्रशासन की ओर से चाईबासा शहर के निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम और क्लिनिकों में व्यापक फायर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया. शहर के 10 चिन्हित चिकित्सा संस्थानों में आयोजित इस अभियान का उद्देश्य अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की जांच करना और स्वास्थ्य कर्मियों को आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए प्रशिक्षित करना था.
कृत्रिम आगजनी की स्थिति बनाकर दी गई जानकारी
मॉक ड्रिल के दौरान अग्निशमन विभाग की टीम ने कृत्रिम आगजनी की स्थिति बनाकर डॉक्टरों, स्वास्थ्य कर्मियों और अस्पताल प्रबंधन को आग लगने की स्थिति में त्वरित एवं सुरक्षित कार्रवाई की जानकारी दी. टीम ने फायर एक्स्टिंग्विशर के सही उपयोग का लाइव प्रदर्शन किया तथा मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालने, धुएं के बीच बचाव कार्य करने और आपातकालीन निकास मार्गों के उपयोग की व्यावहारिक जानकारी भी दी.

मरीजों और स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता
अग्निशमन विभाग ने अस्पताल प्रबंधन को फायर अलार्म, पानी की उपलब्धता और आपातकालीन निकास मार्गों को हमेशा दुरुस्त रखने की सलाह दी. उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि मरीजों और स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने नियमित मॉक ड्रिल और सतर्कता को किसी भी संभावित दुर्घटना से बचाव के लिए आवश्यक बताया. इस अभियान से निजी चिकित्सा संस्थानों में अग्नि सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ी और आपदा प्रबंधन की तैयारियों को और मजबूत करने में मदद मिली.
यह भी पढ़ें: जामताड़ा: भाजपा ने मनाई डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती, आदर्शों पर चलने का लिया संकल्प


