Ranchi: जमशेदपुर के आदित्यपुर में बीते 27 जून को पुलिस की मौजूदगी में हुई हिमांशु सिंह की नृशंस हत्या का मामला अब बड़ा राजनीतिक तूल पकड़ चुका है. भाजपा के एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के नेतृत्व में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से मुलाकात कर इस हत्याकांड की सीबीआई जांच कराने की मांग की है.
पुलिस की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल
प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को सौंपे ज्ञापन में कहा है कि यह घटना राज्य की कानून-व्यवस्था के लिए एक कलंक है. हिमांशु सिंह अपराधियों से जान बचाने के लिए पुलिस वैन के पास पहुंचा, लेकिन अपराधियों ने पुलिस के सामने ही उसे वैन से खींचकर चापड़ से मार डाला. इस दौरान पुलिस मूकदर्शक बनी रही. भाजपा ने आरोप लगाया कि पुलिस अपनी विफलता छुपाने के लिए मामले को भटकाने की कोशिश कर रही है.


निर्दोष को फंसाया जा रहा
भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस असली दोषियों और मौके पर मौजूद लापरवाह पुलिसकर्मियों को बचाने के लिए नीरज सिंह नामक व्यवसायी को बेवजह फंसा रही है. पार्टी का दावा है कि जिस समय घटना हुई, नीरज सिंह अपने प्रतिष्ठान में मौजूद भी नहीं थे. बावजूद इसके, उनके प्रतिष्ठान को निशाना बनाया जा रहा है और उनके परिवार को प्रताड़ित किया जा रहा है. भाजपा के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है. मौजूदा पुलिस व्यवस्था और प्रशासन से न्याय की उम्मीद करना बेमानी है. घटना के बाद जमशेदपुर में हुआ ऐतिहासिक जन-आक्रोश यह दर्शाता है कि आम जनता का राज्य की जांच एजेंसियों पर से भरोसा उठ चुका है. नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने स्पष्ट किया कि हिमांशु सिंह और उसके परिवार को न्याय दिलाने के लिए सीबीआई जांच ही एकमात्र रास्ता है.
प्रतिनिधिमंडल में शामिल रहे ये नेता
प्रतिनिधिमंडल में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, भानु प्रताप शाही, शैलेंद्र सिंह, अभय सिंह, संजीव सिन्हा सहित दिवंगत हिमांशु सिंह के पिता अरविंद सिंह और शंभुनाथ सिंह भी मौजूद रहे.
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