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गुमला: फासिया पंचायत में लगा ‘परिवहन कार्यालय आपके द्वार’ शिविर, 176 में से 156 अभ्यर्थी हुए सफल

Gumla: झारखंड सरकार के परिवहन विभाग के महत्वाकांक्षी ‘परिवहन कार्यालय आपके द्वार’ अभियान की कड़ी में आज गुमला प्रखंड के अंतर्गत फासिया...

Gumla Fasiya Panchayat
फासिया पंचायत में आयोजित परिवहन शिविर

Gumla: झारखंड सरकार के परिवहन विभाग के महत्वाकांक्षी ‘परिवहन कार्यालय आपके द्वार’ अभियान की कड़ी में आज गुमला प्रखंड के अंतर्गत फासिया पंचायत में एक और सफल कड़ी जुड़ गई. जिला परिवहन पदाधिकारी सत्येन्द्र महतो के कुशल नेतृत्व में आयोजित इस विशेष शिक्षार्थी अनुज्ञप्ति (लर्निंग लाइसेंस) शिविर में ग्रामीण जनता का भारी उत्साह देखने को मिला. शिविर में कुल 176 आवेदकों ने अपने दस्तावेजों का सत्यापन कराकर परीक्षा में हिस्सा लिया, जिनमें से 156 अभ्यर्थी सफलतापूर्वक उत्तीर्ण हुए, जो कुल 88.6 प्रतिशत का आंकड़ा है. सभी सफल अभ्यर्थियों को मौके पर ही लर्निंग लाइसेंस प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया.

उपायुक्त ने सड़क सुरक्षा का दिया महत्वपूर्ण संदेश

इससे पूर्व गुमला प्रखंड कार्यालय सभागार में आयोजित शिविर में जिला उपायुक्त दिलेश्वर महतो ने स्वयं उपस्थित होकर सफल अभ्यर्थियों को अपने हाथों लर्निंग लाइसेंस प्रदान की थी. उस अवसर पर उपायुक्त ने सड़क सुरक्षा का महत्वपूर्ण संदेश देते हुए सभी को सतर्क रहने की हिदायत दी थी. उन्होंने बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता जताते हुए कहा था, कि दोपहिया वाहन चालक हमेशा हेलमेट पहनें और चार पहिया वाहन में सीट बेल्ट लगाना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें. उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि अब कार में पीछे बैठने वाले यात्रियों के लिए भी सीट बेल्ट लगाना पूरी तरह से अनिवार्य कर दिया गया है. उपायुक्त ने लर्निंग लाइसेंस प्राप्त करने वाले युवाओं को स्पष्ट निर्देश देते हुए समझाया, कि यह लर्निंग लाइसेंस केवल वाहन चलाना सीखने के लिए दी गई अनुमति है, इसे स्थायी न समझें और इसके जारी होने के 30 दिनों के बाद स्थायी अनुज्ञप्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन अवश्य करें.

जिला परिवहन पदाधिकारी ने बताई पूरी प्रक्रिया 

आगामी शिविरों में जनता की सुविधा के लिए जिला परिवहन पदाधिकारी सत्येन्द्र महतो ने आवेदन की पूरी प्रक्रिया को स्पष्ट किया है. उन्होंने बताया कि-

  • सबसे पहले आवेदकों को अपना आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, आयु प्रमाण के लिए आठवीं या दसवीं की मार्कशीट, मतदाता पहचान पत्र, पैन कार्ड तथा ब्लड ग्रुप का प्रमाण पत्र तैयार रखना होगा.
  • इसके बाद परिवहन विभाग की अधिकृत वेबसाइट sarathi.parivahan.gov.in पर झारखंड राज्य का चयन कर ‘अप्लाई फॉर लर्निंग लाइसेंस’ विकल्प पर क्लिक करना होगा.
  • मोबाइल नंबर और प्राप्त ओटीपी के माध्यम से प्रवेश कर नाम, पता, जन्मतिथि तथा ब्लड ग्रुप सहित अन्य जानकारियां भरनी होंगी.
  • वाहन श्रेणी का चयन अत्यंत सावधानी से करना होगा, जिसमें गियर वाली मोटरसाइकिल के लिए एमसीडब्ल्यूजी (MCWG), बिना गियर वाली स्कूटी के लिए एमसीडब्ल्यूओजी (MCWOG) तथा कार के लिए हल्का मोटर वाहन (LMV) विकल्प चुनना होगा.
  • सेल्फ डिक्लेरेशन में बीमारियों से जुड़े सवालों के सही जवाब देकर फॉर्म सबमिट करने पर एक आवेदन संख्या प्राप्त होगी.
  • फॉर्म सबमिट करने के बाद आवेदन संदर्भ पर्ची, पूर्व-भरा हुआ आवेदन पत्र, स्व-घोषणा पत्र (फॉर्म 1) और फॉर्म 1-ए का प्रिंट निकाल लेना चाहिए.
  • इसके बाद वेबसाइट पर जन्म तिथि और आवेदन संख्या डालकर मांगे गए दस्तावेजों की डिजिटल प्रति अपलोड करनी होगी, जिसका साइज 500kb से कम होना चाहिए.
  • भुगतान के लिए कॉमन पीजीआई चुनकर ई-ग्रास की वेबसाइट पर गेस्ट लॉगिन के माध्यम से ओटीपी सत्यापित करना होगा और एटीएम या यूपीआई से एक वाहन के लिए 250 रुपये अथवा दो वाहनों के लिए 500 रुपये का शुल्क जमा कर रसीद निकाल लेनी चाहिए.
  • इसके तुरंत बाद jhdlrcpayment.rosmertatech.com वेबसाइट पर 25 रुपये 65 पैसे का इंटरनेट आधारित अतिरिक्त शुल्क जमा कर उसकी भी रसीद सुरक्षित रखनी होगी.
  • इस पूरी ऑनलाइन प्रक्रिया के बाद आवेदक को निर्धारित शिविर में जाना होगा, जहां जाते समय दोनों भुगतान रसीदें, आवेदन पत्र, फॉर्म-1, फॉर्म 1-ए, संदर्भ पर्ची का प्रिंट आउट, सभी मूल दस्तावेज, दो पासपोर्ट आकार की तस्वीरें तथा ब्लड ग्रुप की जानकारी साथ ले जाना आवश्यक है.
  • शिविर में परिवहन विभाग की टीम द्वारा सभी दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जाएगी तथा डिजिटल हस्ताक्षर एवं फोटो लिया जाएगा.
  • इसके बाद कंप्यूटर आधारित परीक्षा आयोजित की जाएगी और पास होने पर शिक्षार्थी अनुज्ञप्ति शिविर में ही प्रदान कर दी जाएगी.

जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की अपील 

जिला परिवहन कार्यालय ने सभी स्थानीय जनप्रतिनिधियों, मुखिया और आम जनता से अपील की है, कि वे इस संशोधित प्रक्रिया की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं, ताकि जिले के नागरिक बिना किसी परेशानी के इस सुविधा का लाभ उठा सकें.

शिविर के सांख्यिकीय आंकड़ों पर नजर डालें, तो कुल 176 आवेदकों में से 156 अभ्यर्थी सफल हुए, जबकि 20 लोगों को असफलता मिली, जिससे सफलता प्रतिशत 88.6 रहा. उल्लेखनीय है कि गुमला प्रखंड में चार जुलाई को आयोजित पिछले शिविर में 224 आवेदकों में से 197 सफल हुए थे. इस अभियान की सफलता ने साबित कर दिया है कि सरकारी सेवाएं जब जनता के दरवाजे तक पहुंचती हैं, तो ग्रामीण जनता पूरे उत्साह के साथ इसका लाभ उठाने के लिए तैयार रहती है.

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