Delhi/Ranchi: भारत की बदलती विकास गाथा में झारखंड अब एक नए अध्याय का सूत्रपात कर रहा है. नई दिल्ली में आयोजित दो-दिवसीय नेशनल स्टेक होल्डर्स कंसल्टेशन’ कार्यक्रम का आगाज झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और भविष्योन्मुखी तकनीकी विजन के शानदार संगम के साथ हुआ. यह आयोजन केवल एक नीतिगत चर्चा नहीं, बल्कि झारखंड को देश के डिजिटल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हब के रूप में स्थापित करने की एक भव्य उद्घोषणा है.
डिजिटल क्रांति का केंद्र बनेगा झारखंड
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य का महत्वाकांक्षी डिजिटल रोडमैप प्रस्तुत करेंगे. उन्होंने स्पष्ट किया कि झारखंड सरकार का ध्येय एआई को केवल एक तकनीकी उपकरण तक सीमित रखना नहीं है, बल्कि इसे सुशासन, पारदर्शी प्रशासन और नागरिकों तक सरकारी सेवाओं की तीव्र आपूर्ति का मुख्य आधार बनाना है. ‘विजन 2050’ के तहत राज्य को एक तकनीकी रूप से सशक्त और आधुनिक अर्थव्यवस्था के रूप में ढालने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है. इस मंच पर देश-विदेश की करीब 100 अग्रणी आईटी कंपनियों के दिग्गजों और नीति निर्माताओं ने झारखंड की विकास यात्रा के प्रति अपना गहरा विश्वास व्यक्त किया है.

निवेशकों के लिए नया ‘गोल्डन डेस्टिनेशन’
निवेशकों को आकर्षित करने के लिए रांची आईटी पार्क का प्रस्तुतिकरण कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहेगा. कोर कैपिटल एरिया में स्थित 100.97 एकड़ की विवादमुक्त भूमि पर प्रस्तावित यह प्रोजेक्ट अपनी रणनीतिक स्थिति के कारण अद्वितीय है. आईआईएम रांची और बिरसा मुंडा हवाई अड्डे के निकट होने के चलते यह निवेशकों के लिए लॉजिस्टिक्स और टैलेंट एक्विजिशन के लिहाज से सबसे सुगम स्थल साबित होगा.
Read Also: हजारीबाग : पूर्व विधायक लोकनाथ महतो की पत्नी मोलनी देवी का निधन
AI पॉलिसी-2026: एक दूरदर्शी पहल
झारखंड सरकार ने एआई पॉलिसी-2026-31 का मसौदा पेश कर देश के समक्ष एक मिसाल कायम की है. इसके तहत मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में ‘स्टेट एआई मिशन’ का गठन किया जाएगा. ‘जैप-आईटी’ को नोडल एजेंसी बनाकर ‘झारखंड एआई क्लाउड’ विकसित करने की योजना है, जो कृषि, स्वास्थ्य और खनिज प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में डेटा-आधारित सटीक निर्णय प्रणाली को सशक्त बनाएगी.
निवेशकों के लिए विशेष सौगात और प्रोत्साहन
- पूंजीगत निवेश: उद्योगों को 50% तक पूंजीगत निवेश की प्रतिपूर्ति का प्रावधान.
- कर में छूट: 100% स्टांप शुल्क और बिजली शुल्क में शत-प्रतिशत छूट, जो परिचालन लागत को न्यूनतम स्तर पर ले आएगी.
- कुशल प्रतिभा का भंडार: राज्य के शैक्षणिक संस्थानों से हर साल निकल रहे 20,000 से अधिक आईटी स्नातक उद्योगों को निरंतर कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराने की गारंटी दे रहे हैं.
भविष्य की ओर अग्रसर झारखंड
दो दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम में डिजिटल गवर्नेंस से लेकर पर्यटन और समावेशी विकास तक के विषयों पर मंथन होगा. 9 जुलाई को प्रस्तावित एमओयू हस्ताक्षर और डिजिटल पोर्टल्स का शुभारंभ झारखंड की अर्थव्यवस्था के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का यह प्रयास यह संदेश देता है कि झारखंड अब केवल संसाधनों का राज्य नहीं, बल्कि नवाचार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सुशासन का आधुनिक पावरहाउस बनने के लिए पूरी तरह तैयार है.


