Ranchi: झारखंड के चर्चित बोकारो तेतुलिया वन भूमि घोटाले मामले से इस वक्त की एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, करोड़ों रुपये के इस हाई-प्रोफाइल घोटाले के मुख्य आरोपी और किंगपिन शैलेश सिंह को सीआईडी ने बिहार की राजधानी पटना से गिरफ्तार कर लिया है. बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी के बाद कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करते हुए उसे जेल भी भेज दिया गया है, हालांकि, इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी को लेकर अभी तक सीआईडी या किसी अन्य आधिकारिक एजेंसी की ओर से कोई औपचारिक पुष्टि या आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.

सुप्रीम कोर्ट से भी लग चुका था झटका, लंबे समय से था फरार
उल्लेखनीय है कि तेतुलिया वन भूमि घोटाले में नाम सामने आने के बाद से ही शैलेश सिंह पर कानून का शिकंजा कसता जा रहा था. खुद को गिरफ्तारी से बचाने के लिए उसने तमाम कानूनी रास्ते अपनाए थे.आरोपी शैलेश सिंह ने पहले झारखंड हाई कोर्ट और बाद में देश की सर्वोच्च अदालत (सुप्रीम कोर्ट) में अग्रिम जमानत के लिए गुहार लगाई थी, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों ही अदालतों ने उसकी अग्रिम जमानत याचिका को सिरे से खारिज कर दिया था. सुप्रीम कोर्ट से भी झटका लगने के बाद शैलेश सिंह के पास आत्मसमर्पण करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा था, लेकिन वह लगातार पुलिस और सीआईडी को चकमा देकर फरार चल रहा था. सीआईडी की टीमें लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई थीं.
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क्या है बोकारो का तेतुलिया वन भूमि घोटाला?
यह पूरा मामला बोकारो के तेतुलिया इलाके में करोड़ों रुपये की बेशकीमती सरकारी वन भूमि की अवैध तरीके से हेराफेरी, फर्जी डीड तैयार करने और उसे निजी स्वार्थ के लिए बेचने से जुड़ा है. बोकारो में वन और राजस्व विभाग की 103 एकड़ भूमि को फर्जी तरीके से हड़पने के लिए प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बनाई गई. वह भी करोड़ों की इस जमीन को खरीदने के लिए कंपनी का कैपिटल महज दो लाख था. सीआईडी की जांच में जमीन खरीद की पूरी साजिश का खुलासा हुआ है. जांच में यह बात सामने आयी है कि जमीन की खरीद उमायुष मल्टीकॉम प्राइवेट लिमिटेड ने की थी. एक फरवरी 2021 को कंपनी स्थापना के दौरान इसका कैपिटल दो लाख बताया गया, लेकिन मार्च में कंपनी ने राजवीर कंस्ट्रक्शन से आठ फरवरी 2021 को 1.80 करोड़ व 10 फरवरी 2021 को 1.20 करोड़, चार व 26 मार्च को 40 लाख की आमद के बाद जमीन की रजिस्ट्री करायी. सरकारी फीस देने में इसी रकम का इस्तेमाल किया गया. अब पूरे मामले में सीआईडी पावर ऑफ अटार्नी के जरिए जमीन की रजिस्ट्री करने वाले शैलेश कुमार सिंह की तलाश कर रही है. उमायुष कंपनी में शैलेश की पत्नी भी निदेशक है. वहीं, ललन सिंह नाम के व्यक्ति के नाम पर जमीन का केवाला किया गया था.


