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लोहरदगा: जघन्य हत्याकांड का 7 घंटे में खुलासा, शव के टुकड़े कर खदान और जंगल में फेंका

Lohardaga: लोहरदगा जिले में सामने आए एक सनसनीखेज और दिल दहला देने वाले हत्याकांड का पुलिस ने महज सात घंटे के भीतर...

Lohardaga: Heinous murder case solved in 7 hours, body chopped into pieces and thrown in mine and forest.

Lohardaga: लोहरदगा जिले में सामने आए एक सनसनीखेज और दिल दहला देने वाले हत्याकांड का पुलिस ने महज सात घंटे के भीतर खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपियों ने हत्या के बाद शव के कई टुकड़े कर उन्हें अलग-अलग स्थानों पर फेंक दिया था ताकि अपराध के साक्ष्य मिटाए जा सके. इस जघन्य वारदात ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है. जानकारी के अनुसार 7 जुलाई को दिन के करीब 1:30 बजे पुलिस को सूचना मिली कि ओयना टोंगरी स्थित बंद पत्थर खदान के पानी में एक बोरे में किसी व्यक्ति का शव पड़ा हुआ है. सूचना मिलते ही लोहरदगा थाना प्रभारी एवं पुलिस निरीक्षक रत्नेश मोहन ठाकुर के नेतृत्व में पुलिस टीम घटनास्थल पहुंची. टीम में पुलिस पदाधिकारी चन्द्रदीप मेहता, अमरनाथ पाण्डेय, चालक आरक्षी सत्य किशोर कुमार, चालक आरक्षी मुकेश कुमार शर्मा तथा सशस्त्र बल के जवान शामिल थे. घटनास्थल पर पुलिस ने पाया कि पानी में पड़े बोरे के अंदर एक अज्ञात व्यक्ति का क्षत-विक्षत शव है. शव की स्थिति बेहद भयावह थी. सिर धड़ से अलग था. तथा दोनों पैर जांघ के ऊपर से काट दिए गए थे. पुलिस ने शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए लोहरदगा सदर अस्पताल भेज दिया. पहचान के लिए मृतक की तस्वीर मीडिया और स्थानीय समाचार माध्यमों में फ्लैश किया गया.

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बोरे में क्षत-विक्षत मिला था शव

पुलिस के प्रयासों के बाद मृतक की पहचान न्यू आजाद बस्ती निवासी हुसैन अंसारी के रूप में हुई. मृतक के पिता के फर्द बयान के आधार पर लोहरदगा थाना में कांड संख्या 94/26 दिनांक 7 जुलाई 2026 दर्ज किया गया. मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1), 238 एवं 61(2)(ए) के तहत अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध हत्या कर साक्ष्य छिपाने और शव को बंद पत्थर खदान के पानी में फेंकने का मामला दर्ज किया गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर एक विशेष अनुसंधान टीम का गठन किया गया. गठित टीम ने तकनीकी एवं मानवीय सूचना संकलन के आधार पर लगातार छापेमारी अभियान चलाया और महज सात घंटे के भीतर पूरे हत्याकांड का खुलासा कर दिया. पुलिस ने इस मामले में नूर नगर निवासी 22 वर्षीय अरमान खान तथा दुर्गाबाड़ी लेन, पावरगंज निवासी 25 वर्षीय मोहम्मद सहवाज अहमद उर्फ राज को गिरफ्तार किया है. पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया. पुलिस के अनुसार आरोपियों ने 4 जुलाई 2026 की रात दुर्गाबाड़ी लेन स्थित शाहवाज उर्फ राज के घर में हुसैन अंसारी की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी. हत्या के बाद पहचान छिपाने और पुलिस को गुमराह करने के उद्देश्य से आरोपियों ने हेक्सा ब्लेड की मदद से शव के कई टुकड़े कर दिए. इसके बाद शव के हिस्सों को बोरे में भरकर ओयना टोंगरी स्थित पानी से भरी बंद खदान और आसपास के जंगल-झाड़ियों में फेंक दिया गया. गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने शव के शेष अंगों को भी बरामद कर लिया है. इसके अलावा हत्या में प्रयुक्त हेक्सा फ्रेम सहित ब्लेड तथा शव के टुकड़ों को ले जाने और छिपाने में इस्तेमाल की गई स्कूटी संख्या जेएच-08 के-1173 को भी जब्त किया गया है. इस मामले के खुलासे में लोहरदगा थाना प्रभारी रत्नेश मोहन ठाकुर के नेतृत्व में पुलिस निरीक्षक एवं थाना के कई अधिकारियों और जवानों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. पुलिस अधीक्षक ने टीम की त्वरित कार्रवाई और पेशेवर जांच की सराहना की है. लोहरदगा पुलिस अब इस हत्याकांड के पीछे के कारणों और संभावित षड्यंत्र के अन्य पहलुओं की भी गहन जांच कर रही है. जिले में हुई इस निर्मम हत्या ने लोगों को स्तब्ध कर दिया है और पूरे क्षेत्र में घटना को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है.

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