Ranchi: नई दिल्ली में आयोजित स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन के अंतिम दिन झारखंड के उद्योग मंत्री संजय प्रसाद यादव ने निवेशकों को एक बेहद सकारात्मक और भरोसेमंद संदेश दिया. उन्होंने उद्योगपतियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि राज्य के विकास के लिए पूरी कैबिनेट पूरी निष्ठा से जुटी हुई है और सरकार उद्योग जगत के साथ हाथ से हाथ और कंधे से कंधा मिलाकर चलने के लिए तैयार है. उद्योग मंत्री ने निवेशकों के साथ एक पारिवारिक और आत्मीय रिश्ता जोड़ते हुए कहा कि वे उनसे एक मंत्री के रूप में ही नहीं, बल्कि एक भाई के रूप में भी कभी भी सीधे बात कर सकते हैं. उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि राज्य के तीव्र विकास के लिए अब सरकार और उद्योगपतियों को एक-दूसरे को पूरी तरह सहयोग करने की जरूरत है.
उद्योगपतियों के सुझावों से मिली नई ऊर्जा
उद्योग मंत्री ने कार्यक्रम में आए उद्योग जगत के प्रतिनिधियों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी तरफ से काफी अच्छे और व्यावहारिक सुझाव मिले हैं. इन सुझावों के आधार पर झारखंड में उद्योगों को एक नई दिशा में ले जाने की ठोस पहल की जा रही है. उन्होंने उत्साह के साथ कहा कि राज्य के गठन के 25 साल बाद आज एक नई ऊर्जा महसूस हो रही है. उन्होंने कहा कि जहां से जिसकी रोजी-रोटी चलती है, वह स्वाभाविक रूप से उस राज्य के प्रति गहरी सहानुभूति रखता है.

सिंगल विंडो सिस्टम से निवेशकों को मिली बड़ी राहत
संजय प्रसाद यादव ने स्पष्ट किया कि झारखंड सरकार अब इस बात पर गंभीरता से काम कर रही है कि दूसरे राज्यों की तुलना में यहां और बेहतर व्यवस्थाएं कैसे बनाई जाएं, जिससे देश-दुनिया के उद्योगपति झारखंड में निवेश के लिए दिलचस्पी दिखाएं. उन्होंने कहा कि निवेशकों की भी हमेशा यही सोच होती है कि उन्हें सरल और बेहतर नियम मिलें. इस दिशा में झारखंड का ‘सिंगल विंडो सिस्टम’ मील का पत्थर साबित हुआ है, जिससे उद्योगपतियों को बहुत बड़ी राहत मिली है. अब निवेशकों को अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ते, बल्कि एक ही जगह से एनओसी मिल रही है.
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उद्योग बढ़ने से खत्म होगी बेरोजगारी, हर हाथ को मिलेगा काम
राज्य के भविष्य का रोडमैप साझा करते हुए उद्योग मंत्री ने कहा कि जब राज्य आगे बढ़ेगा तो बेरोजगारी पूरी तरह खत्म होगी. उद्योग बढ़ने से सीधे तौर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे.उन्होंने निवेशकों के सामने एक बेहतरीन प्रस्ताव रखते हुए कहा कि अगर उद्योगपति झारखंड में इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक कॉलेज खोलते हैं, तो इससे न केवल स्थानीय नौजवानों को सीधे नौकरी मिलेगी, बल्कि राज्य में ही एक बड़ा दक्ष मानव संसाधन तैयार होगा. झारखंड सरकार का मुख्य उद्देश्य हर हाथ में काम देना है. उद्योगों को बढ़ावा मिलने से राज्य के प्रतिभावान नौजवानों को रोजगार के लिए बाहर (पलायन) नहीं जाना पड़ेगा. इसके लिए उद्योगकर्मियों और सरकार के बीच बेहतर समन्वय के साथ काम करना होगा, जिसमें सरकार अपनी अहम भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है.
असीम क्षमताओं और संसाधनों का गढ़ है झारखंड
उन्होंने कहा कि राज्य में कोयले की कोई कमी नहीं है, यहां एक से बढ़कर एक प्लांट लगाए जा सकते हैं. समय के साथ झारखंड की औद्योगिक क्षमता और साख बहुत तेजी से बढ़ी है. इतना ही नहीं, उद्योग के साथ-साथ पर्यटन के मामले में भी झारखंड देश के अन्य राज्यों से कहीं बेहतर और समृद्ध है. कंसल्टेशन कार्यक्रम में देश के प्रतिष्ठित औद्योगिक घरानों जैसे टाटा स्टील, जिंदल, और रूंगटा समूह सहित कई अन्य उद्योगों के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया और राज्य के विकास में साझीदार बनने के लिए अपने विचार और सुझाव सरकार के सामने रखे.


