Hazaribagh: नेशनल एंटी करप्शन एंड ऑपरेशन कमिटी ऑफ इंडिया के जिला प्रभारी और पूर्व शिवसेना जिला उपाध्यक्ष (हजारीबाग) गोपाल सिंह मौर्य ने सर्किट हाउस में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कुम्हारटोली स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर विद्यालय प्रबंधन पर बेहद संगीन आरोप लगाए हैं. मौर्य ने विद्यालय के आचार्यों, पूर्व प्रधानाचार्यों और वर्तमान प्रबंधन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए इसे बच्चों, शिक्षकों और महिला शिक्षिकाओं के उत्पीड़न का केंद्र बताया.
चोट लगने पर नहीं मिला फर्स्ट एड
गोपाल सिंह मौर्य ने लिखित और प्रशासनिक दस्तावेजों का हवाला देते हुए बताया कि विवाद की शुरुआत साल 2023 में हुई थी. उनके बच्चे को स्कूल परिसर में गंभीर चोट लगी थी, लेकिन उसे बुनियादी प्राथमिक उपचार देने के बजाय वहां की शिक्षिका श्रीमती मीरा तिवारी ने डांट कर भगा दिया. जब इसकी शिकायत तत्कालीन प्रधानाचार्य दिनेश मिश्र से की गई, तो उन्होंने कार्रवाई का आश्वासन तो दिया, लेकिन धरातल पर कुछ नहीं किया.

बंधक बनाकर गला दबाने की कोशिश
प्रेस वार्ता के दौरान मौर्य ने रोंगटे खड़े कर देने वाला वाकया साझा किया. उन्होंने बताया कि प्रथम जांच परीक्षा के समय उनके बच्चे का कई विषयों (हिंदी, गणित, रसायन विज्ञान आदि) का सिलेबस पूरा नहीं हुआ था. पिता के कहने पर बच्चे ने इसकी लिखित शिकायत विद्यालय के सेक्रेटरी को दी. इसके बाद, जिन तीन विषय शिक्षकों का नाम आवेदन में था- बिपिन बिहारी सिंह, सुमन आनंद और राजीव रंजन (टू) -उन्होंने बच्चे को कंप्यूटर रूम में ले जाकर धमकाया. बहस के दौरान शिक्षक बिपिन बिहारी सिंह ने छात्र का गला पकड़ने का प्रयास किया. मौर्य ने इस घटना के संबंध में पुलिस अधीक्षक कार्यालय और उपायुक्त कार्यालय में दी गई लिखित शिकायतों की रिसीविंग प्रतियों को भी मीडिया के सामने पेश किया.
प्रताड़ना से तंग आकर बीच सत्र में ली टीसी
मौर्य ने भावुक होते हुए कहा, “मेरा इस विद्यालय से बहुत पुराना और पारिवारिक संबंध रहा है. मेरे घर के चार बच्चे (हर्ष राज सिंह, कल्पेश सिंह निखिल, शिल्पी कुमारी और राहुल कुमार सिंह जो कि सेकंड टॉपर रहा है) यहीं से पास आउट हुए हैं. जय नारायण पांडेय और उमेश प्रसाद जैसे बेहतरीन प्रधानाध्यापक भी यहां रहे हैं. लेकिन दिनेश मिश्र और ब्रजेश सिंह जैसे ‘कचरा’ और दलाल किस्म के लोगों ने व्यवस्था बिगाड़ दी.” उन्होंने बताया कि लगातार मिल रही मानसिक प्रताड़ना के कारण उन्हें विवश होकर 28 अगस्त 2024 को (बीच सत्र में) अपने बच्चे की टीसी कटवाकर उसे स्कूल से निकालना पड़ा.
जमीन घोटाले और फर्जी ‘कॉम्पैक्ट सर्टिफिकेट’ का आरोप
गोपाल सिंह मौर्य ने केवल बच्चों के उत्पीड़न का ही नहीं, बल्कि विद्यालय की जमीन से जुड़ा एक बड़ा प्रशासनिक घोटाला उजागर करने का दावा किया. उन्होंने कहा कि 17 दिसंबर 2016 को डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट अथॉरिटी हजारीबाग से विद्यालय को जो ‘कॉम्पैक्ट सर्टिफिकेट’ मिला है, उसमें जमीन को एक ही प्लॉट का हिस्सा बताया गया है, जो कि महाझूठ है. इस संबंध में उन्होंने 24 जनवरी 2025 को उपायुक्त के जन शिकायत कोषांग और बाद में 21 अप्रैल 2025 को आयुक्त (उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल) को जांच के लिए पत्र लिखा था. हालांकि, उन्होंने अंचल अधिकारी सदर पर मामले को दबाने और रिमाइंडर (रिमाइंडर, येलो रिमाइंडर और रेड रिमाइंडर) भेजे जाने के बावजूद आज तक जांच रिपोर्ट न सौंपने का आरोप लगाया है.


