Ranchi: बोकारो के चास स्थित तेतुलिया मौजा की भूमि विवाद से जुड़े 14 वर्ष पुराने मामले में झारखंड हाई कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है. न्यायमूर्ति संजय कुमार द्विवेदी की एकलपीठ ने दायर याचिका को खारिज कर दिया है. फैसला 7 जुलाई 2026 को सुनाया गया. याचिकाकर्ता मोहम्मद शाहिद राजा ने चास के तत्कालीन SDO द्वारा 10 अप्रैल 2012 को पारित उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसके तहत कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल की तैनाती कर प्रतिवादी को भूमि का कब्जा दिलाने की कार्रवाई की गई थी. याचिकाकर्ता का आरोप था कि उन्हें अवैध रूप से बेदखल किया गया.
कानून-व्यवस्था बनाए रखने से पारित किया गया था आदेश
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने अदालत को बताया, कि संबंधित आदेश केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से पारित किया गया था. बाद की जांच में यह भी पाया गया कि विवादित भूमि पर वर्तमान में प्रतिवादी संख्या-6 का कब्जा है तथा उनके नाम से म्यूटेशन भी हो चुका है. हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि याचिकाकर्ता ने कई बार आश्वासन देने के बावजूद अपने पक्ष में मूल बिक्री विलेख रिकॉर्ड पर प्रस्तुत नहीं किया. अदालत ने माना कि मामले में भूमि की पहचान और कब्जे को लेकर गंभीर तथ्यात्मक विवाद है, जिसका समाधान रिट याचिका के माध्यम से नहीं किया जा सकता, अदालत ने यह भी कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना जिला प्रशासन का अधिकार क्षेत्र है और ऐसे मामलों में न्यायालय तभी हस्तक्षेप करेगा जब शक्ति के दुरुपयोग या स्पष्ट अवैधता का मामला सामने आए. इस मामले में ऐसा कोई आधार नहीं पाया गया. इन सभी तथ्यों, कारणों और विश्लेषण के आधार पर हाई कोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए कहा कि एसडीओ द्वारा पारित आदेश में कोई अवैधता नहीं है और जिला प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के अपने अधिकार क्षेत्र में कार्रवाई की थी.



