Bihar: यह कहानी किसी फिल्म की पटकथा जैसी जरूर लगती है, लेकिन इसके पीछे एक परिवार का चार दशक लंबा इंतजार, बिछड़ने का दर्द और छोटे भाई का अटूट विश्वास छिपा है. मुजफ्फरपुर जिले के कांटी प्रखंड के गोदाई फुलकाहा (वार्ड-4) गांव में 5 जुलाई 2026 की सुबह उस वक्त हर किसी की आंखें नम हो गईं, जब पोखरैरा निवासी दिवंगत राम खिलावन मिश्र के बड़े बेटे उमेश मिश्र अचानक अपने घर पहुंच गए. 41 साल बाद बड़े भाई को सामने देख छोटे भाई वीरेंद्र मिश्र खुद को रोक नहीं सके और उनसे लिपटकर फूट-फूटकर रो पड़े.
1986 में रोजी-रोटी की तलाश में असम गए, लेकिन लौटने की हिम्मत नहीं जुटा पाए
उमेश मिश्र ने घर लौटने के बाद अपनी आपबीती सुनाई तो हर कोई भावुक हो गया. उन्होंने बताया कि वर्ष 1986 में वे रोजगार की तलाश में असम गए थे. समय बीतता गया, लेकिन एक अनजाना डर उनके मन में ऐसा बैठ गया कि चाहकर भी घर लौटने की हिम्मत नहीं कर सके. उन्होंने कहा कि परिवार की याद उन्हें हर दिन सताती थी, लेकिन मानसिक भय ने उन्हें अपनों से दूर ही रखा.
Read Also: हजारीबाग में 80 साल का बुजुर्ग ढाई साल की बच्ची से दरिंदगी के आरोप में गिरफ्तार


