Ranchi: राज्य सरकार द्वारा लागू की गई नई प्रोन्नति नियमावली को लेकर सचिवालय सेवा संघ अब आर-पार के मूड में है. इसको लेकर संघ ने 12 जुलाई को संघ की आमसभा बुलाई है, जिसमें आंदोलन की ठोस रूपरेखा तय की जाएगी. संघ का कहना है कि इस बदलाव से सचिवालय संवर्ग के कर्मचारियों को न केवल भविष्य में पदोन्नति में बाधा आएगी, बल्कि सीधा आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ेगा.
कहां फंसा है पेंच
सरकार ने कहा है कि जिन संवर्गों में पहले से प्रोन्नति की कालावधि निर्धारित है, वहां वही नियम प्रभावी रहेंगे. हालांकि, जिन संवर्गों में समय-सीमा तय नहीं है, वहां मध्य लेवल की कालावधि को जोड़कर नया प्रोन्नति समय निर्धारित किया गया है. संघ का आरोप है कि प्रोबेशन और प्रमोशन के वर्षों को जोड़कर बनाई गई यह नई गणना प्रणाली, लंबे समय से कार्यरत कर्मियों के लिए प्रमोशन की राह को और लंबा और जटिल बनाने वाली है. जहां पहले से तय मानक थे, उन्हें तो सुरक्षित रखा गया, लेकिन अन्य संवर्गों में 2014 के संकल्प को आधार बनाकर जो बदलाव किए गए हैं, वे पूरी तरह अव्यावहारिक और भेदभावपूर्ण हैं.

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