Ranchi: वित्त विभाग ने राज्य की वित्तीय कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, सटीक और सुगम बनाने की दिशा में एक अहम फैसला लिया है. विभाग ने अपनी डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर की रीढ़ माने जाने वाले डीडीओ लेवल बिल एंट्री सिस्टम, ट्रेजरी एप्लीकेशन और पेंशन मॉड्यूल की कार्यक्षमता को अत्याधुनिक बनाने के लिए एक विशेष सिस्टम ऑडिट और समीक्षा प्रक्रिया शुरू की है. इन मॉड्यूल्स में सुधार से न केवल सरकारी बिलों का भुगतान समय पर हो सकेगा, बल्कि पेंशनभोगियों को मिलने वाली सेवाओं में भी बड़ी राहत आएगी.

विशेषज्ञों की टीम और नई कार्ययोजना
इस तकनीकी सुधार अभियान के लिए वित्त विभाग ने सहायक प्रशाखा पदाधिकारी मो. हैदर अली को विशेष रूप से नामित किया है. उन्हें इन मॉड्यूल्स के तकनीकी पहलुओं का सूक्ष्म विश्लेषण करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है. मो. हैदर अली अब सीधे प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट कोषांग से जुड़कर काम करेंगे, ताकि सिस्टम में मौजूद खामियों को जड़ से खत्म किया जा सके.
क्या होगा बदलाव?
• डॉक्यूमेंटेशन: सभी मॉड्यूल्स के यूजर मैनुअल और स्टैंडर्ड डिजाइन डॉक्यूमेंट का संकलन कर संबंधित शाखाओं को उपलब्ध कराना.
• गैप एनालिसिस: सिस्टम में मौजूद तकनीकी त्रुटियों, डेटा विसंगतियों और प्रक्रियागत कमियों की पहचान करना.
• समन्वय: तकनीकी टीम और प्रशासनिक शाखाओं के बीच एक सेतु की तरह कार्य करते हुए व्यावहारिक सुधारों का विस्तृत प्रतिवेदन तैयार करना.
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