Ranchi: रांची विश्वविद्यालय के 67वें स्थापना दिवस समारोह के दूसरे दिन शनिवार को प्रशासनिक परिसर में ‘कला दिवस’ मनाया गया. इस दौरान विश्वविद्यालय की दीवारों को झारखंड की प्रसिद्ध सोहराई पेंटिंग से सजाया गया.
दीवारों को आकर्षक चित्रों से सजाया गया
परफॉर्मिंग एंड फाइन आर्ट विभाग और एनएसएस के छात्र-छात्राओं बुलबुल, एकता, मौसमी, तुषार और प्राची ने शिक्षक विवेक दास के मार्गदर्शन में प्रशासनिक भवन की चारदीवारी पर सुंदर सोहराई पेंटिंग बनाई. इससे पूरा परिसर आकर्षक और रंग-बिरंगा दिखाई देने लगा.

कुलपति ने अपने संदेश में कहा
कुलपति ने अपने संदेश में कहा कि विश्वविद्यालय केवल पढ़ाई का स्थान नहीं है, बल्कि हमारी संस्कृति और परंपराओं को आगे बढ़ाने का भी माध्यम है. उन्होंने कहा कि सोहराई जैसी लोक कला को बढ़ावा देना जरूरी है. इससे नई पीढ़ी अपनी संस्कृति को बेहतर तरीके से जान सकेगी.
सोहराई पेंटिंग झारखंड की पारंपरिक कला
कार्यक्रम में डॉ. सुदेश कुमार साहु ने बताया कि सोहराई पेंटिंग झारखंड की पारंपरिक कला है. यह गांवों में घरों की दीवारों पर बनाई जाती है. इस कला को जीआई (GI) टैग भी मिला हुआ है. इसमें कोयला, चूना, लाल और पीली मिट्टी जैसे प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल किया जाता है. पेंटिंग में पशु-पक्षी, पेड़-पौधे और प्रकृति से जुड़े चित्र बनाए जाते हैं. इसे सुख, समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य का प्रतीक माना जाता है. कार्यक्रम में मौजूद शिक्षकों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने छात्र कलाकारों की मेहनत की सराहना की और इस पहल को झारखंड की संस्कृति को सहेजने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया.
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