Ranchi: रांची विश्वविद्यालय के जनजाति एवं क्षेत्रीय भाषा (TRL) विभाग के NET-JRF उत्तीर्ण छात्रों का एक प्रतिनिधिमंडल शनिवार को रक्षा राज्य मंत्री सह रांची सांसद संजय सेठ से मिला. प्रतिनिधिमंडल ने विभाग में पीएचडी से जुड़ी समस्याओं को रखते हुए शोधार्थियों के समक्ष उत्पन्न कठिनाइयों से अवगत कराया. छात्रों ने बताया कि विभाग में पीएचडी गाइड की भारी कमी के कारण NET-JRF एवं पीएचडी प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण करने के बावजूद कई शोधार्थी अपना शोध कार्य शुरू नहीं कर पा रहे हैं. इससे जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं में उच्च शिक्षा एवं शोध कार्य प्रभावित हो रहा है. प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि जनजाति एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग को मानविकी (ह्यूमैनिटीज) संकाय में शामिल किया जाए, ताकि विभाग को आवश्यक शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध हो सके और पीएचडी गाइड की समस्या का स्थायी समाधान हो.
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संजय सेठ ने हरसंभव सहायता का दिया भरोसा
प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री के समक्ष तीन प्रमुख मांगें रखीं— विभाग में पर्याप्त संख्या में पीएचडी गाइड की नियुक्ति, जनजाति एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग को मानविकी संकाय में शामिल करना तथा एक पीएचडी गाइड के अधीन शोधार्थियों की अधिकतम संख्या 4 से बढ़ाकर 10 करना. रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि वे इस विषय पर संबंधित अधिकारियों से चर्चा करेंगे और समस्याओं के शीघ्र समाधान के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे. प्रतिनिधिमंडल में हलधर अहीर, सुदर्शन अहीर, बलराम मांझी, अशोक महतो, मदन महतो, सूरज महतो, हेमंत अहीर सहित अन्य छात्र शामिल थे.
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