Ranchi: भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्य में जुटे बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) और बीएलओ सुपरवाइजरों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है. चुनाव आयोग ने इस विशेष अभियान में काम के भारी बोझ और उसकी प्रकृति को देखते हुए सभी संबंधित और सुपरवाइजरों को छह हजार का एकमुश्त मानदेय देने की मंजूरी दे दी है. यह राशि उन्हें मिलने वाले वार्षिक पारिश्रमिक के अतिरिक्त होगी. इसको लेकर मंगलवार को आदेश जारी कर दिया गया है.
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झारखंड समेत इन 23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मिलेगा लाभ
चुनाव आयोग द्वारा जारी इस आदेश के दायरे में आने वाले राज्य और केंद्र शासित प्रदेश शामिल है. जिनमें आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, ओडिशा, पंजाब, सिक्किम, तेलंगाना, त्रिपुरा और उत्तराखंड. केंद्र शासित प्रदेशों में दिल्ली चंडीगढ़, दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव शामिल हैं.
क्यों लिया गया यह फैसला?
पत्र में स्पष्ट किया गया है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान काम की मात्रा बहुत अधिक होती है और यह बेहद जिम्मेदारी भरा कार्य है. जमीनी स्तर पर चुनाव से जुड़े इस महत्वपूर्ण कार्य को सफलतापूर्वक पूरा करने में बीएलओ और सुपरवाइजरों की भूमिका सबसे अहम होती है. उनके इसी कड़े परिश्रम और योगदान को सराहने के लिए आयोग ने वार्षिक मानदेय के अलावा इस अतिरिक्त छह हजार की एकमुश्त प्रोत्साहन राशि को हरी झंडी दी है. आयोग ने सभी मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को आदेश दिया है कि इस निर्देश को जल्द से जल्द सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के संज्ञान में लाया जाए ताकि इसका लाभ धरातल तक पहुंच सके.
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