–सुरक्षा में चूक या लापरवाही?
–छात्र की मौत पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा
–चार घंटे तक हाईवे जाम
–स्कूल प्रबंधन पर भी उठे सवाल
Jamtara: बिंदापाथर थाना क्षेत्र के गोविंदपुर-साहेबगंज स्टेट हाईवे पर धसनिया पंचायत के समीप बुधवार दोपहर हुई एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया. स्कूल से घर लौट रहे छह वर्षीय छात्र की तेज रफ्तार डंपर की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई. हादसे के बाद परिजनों की चीख-पुकार और ग्रामीणों का आक्रोश सड़क पर फूट पड़ा. गुस्साए लोगों ने शव को सड़क पर रखकर करीब चार घंटे तक गोविंदपुर-साहेबगंज स्टेट हाईवे जाम कर दिया. इस दौरान डंपर चालक, स्कूल वाहन चालक और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तथा पीड़ित परिवार को तत्काल मुआवजा देने की मांग की गई. मृतक की पहचान हरनादह गांव निवासी लालटू यादव के छह वर्षीय पुत्र नीलेश कुमार यादव के रूप में हुई है. वह एसआर पब्लिक स्कूल, दक्षिणबहाल में एलकेजी का छात्र था. बताया जाता है कि उसकी मां रीता कुमारी किसी निजी कार्य से अपने मायके धसनिया गई थीं. इसी कारण परिजनों ने स्कूल वाहन चालक से छुट्टी के बाद बच्चे को धसनिया स्थित उसके ननिहाल में उतारने का अनुरोध किया था.
विपरीत दिशा में उतारने का आरोप, सड़क पार करते समय हुआ हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों और ग्रामीणों के अनुसार, स्कूल वाहन चालक ने बच्चे को सड़क के सुरक्षित किनारे उतारने के बजाय विपरीत दिशा में उतार दिया. मासूम जैसे ही अपनी मां के पास जाने के लिए सड़क पार करने लगा, उसी समय दुमका की ओर से तेज गति से आ रहे डंपर संख्या JH-08B-9888 ने उसे अपनी चपेट में ले लिया. टक्कर इतनी भीषण थी कि बच्चे की घटनास्थल पर ही मौत हो गई. हादसे के बाद चालक वाहन लेकर भागने का प्रयास करने लगा, लेकिन पुलिस ने डंपर को जब्त कर लिया. चालक की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है. घटना की सूचना मिलते ही आसपास के गांवों से सैकड़ों ग्रामीण मौके पर पहुंच गए. बेटे का शव देखकर मां रीता कुमारी और पिता लालटू यादव का रो-रोकर बुरा हाल हो गया. परिजनों की चीख-पुकार से पूरा माहौल गमगीन हो गया.
चार घंटे तक हाईवे जाम, स्कूल प्रबंधन पर उठे सवाल
आक्रोशित ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर हाईवे जाम कर दिया. देखते ही देखते दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और करीब चार घंटे तक आवागमन पूरी तरह ठप रहा. कई यात्री घंटों जाम में फंसे रहे. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि स्कूल प्रबंधन बच्चों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह लापरवाह है. उनका कहना था कि यदि बच्चे को सड़क के सुरक्षित किनारे उतारा जाता या वाहन चालक स्वयं उसे सड़क पार कराता, तो शायद यह हादसा नहीं होता. लोगों ने स्कूल वाहन संचालन की व्यवस्था की जांच कराने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की.
सूचना मिलते ही थाना प्रभारी विनय कुमार यादव पुलिस बल के साथ घटनास्थल पहुंचे. इसके बाद बीडीओ प्रेम कुमार दास, इंस्पेक्टर बिहारी मरांडी, नाला थाना प्रभारी विकास कुमार यादव तथा फतेहपुर थाना एसआई राजा बाबू भी मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने परिजनों और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन लोग दोषियों पर कार्रवाई और मुआवजे की मांग पर अड़े रहे. काफी देर तक प्रशासन और ग्रामीणों के बीच वार्ता चलती रही.
कार्रवाई और मुआवजे के आश्वासन के बाद हटा जाम
परिजनों ने कहा कि उनके मासूम बेटे की मौत केवल सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि लापरवाही का परिणाम है. उन्होंने डंपर चालक के साथ-साथ स्कूल वाहन चालक और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की. साथ ही पीड़ित परिवार को पर्याप्त मुआवजा, सरकारी सहायता और दोषियों को शीघ्र गिरफ्तार करने की मांग उठाई. करीब चार घंटे बाद प्रशासन ने सरकारी प्रावधानों के तहत सहायता राशि उपलब्ध कराने, तत्काल आर्थिक सहायता देने तथा मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई का आश्वासन दिया. प्रशासन की ओर से तत्काल कुछ आर्थिक सहायता भी दी गई. इसके बाद ग्रामीणों ने जाम हटाया.
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. थाना प्रभारी विनय कुमार यादव ने बताया कि डंपर को जब्त कर लिया गया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है. परिजनों के आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी. वहीं बीडीओ प्रेम कुमार दास ने कहा कि पीड़ित परिवार को सरकार की ओर से मिलने वाली सभी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी.
तेज रफ्तार डंपरों के परिचालन पर भी ग्रामीणों में नाराजगी
यह हादसा एक बार फिर स्कूल वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर गया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूलों में बच्चों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर स्पष्ट व्यवस्था और जवाबदेही तय नहीं होने का खामियाजा मासूम बच्चों को भुगतना पड़ रहा है. लोगों का कहना है कि यदि जिम्मेदारों ने समय रहते सुरक्षा मानकों का पालन किया होता, तो एक मासूम की जान बचाई जा सकती थी. वहीं, गोविंदपुर-साहेबगंज स्टेट हाईवे पर प्रतिदिन तेज रफ्तार से डंपर वाहनों का परिचालन होता है. ग्रामीणों का आरोप है कि ओवरस्पीड के कारण इस मार्ग पर आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं. कई बार प्रशासन से कार्रवाई और गति नियंत्रण की मांग की गई, लेकिन अब तक प्रभावी कदम नहीं उठाए जाने से लोगों में नाराजगी है.
