Ranchi: आस्था का महासागर, भक्ति की अटूट धारा और परंपरा का गौरवशाली इतिहास गुरुवार को ऐतिहासिक जगन्नाथपुर मंदिर में यही दृश्य देखने को मिला. इस पावन अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्वयं भगवान जगन्नाथ के जयकारे लगाए. उनके स्वर में भक्ति का ऐसा संचार था कि संपूर्ण क्षेत्र में ऊर्जा का प्रवाह हो गया. पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री ने श्रद्धा और आस्था के साथ कहा कि आज की रथ यात्रा का हम सभी को साल भर इंतजार रहता है. इतने भारी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति ही इस मंदिर की भव्यता, दिव्यता और आकर्षण का प्रमाण है.335 वर्षों से अनवरत चली आ रही परंपरा का निर्वहन करते हुए, जैसे ही भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और अग्रज बलभद्र अपने भव्य रथ पर सवार हुए, समूची राजधानी जय जगन्नाथ के जयघोष से गूंज उठी. भगवान के रथ के पहियों के आगे बढ़ते ही लाखों भक्तों का जनसैलाब भावविभोर हो उठा. सीएम और राज्यपाल ने रथ की डोर खींची और प्रर्भु जगन्नाथ मौसीबाड़ी के लिए रवाना हो गए.
पर्यटन स्थल के रूप में होगा विकसित
मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि इस ऐतिहासिक स्थल को पर्यटन के मानचित्र पर और भी मजबूती से स्थापित किया जाएगा. उन्होंने घोषणा की कि मंदिर परिसर के विकास के साथ-साथ भव्य तोरणद्वार का भी निर्माण किया जाएगा, ताकि भक्तों को और बेहतर सुविधाएं मिल सकें.
आस्था का महासागर और भव्य आयोजन
राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विधि-विधान के साथ प्रभु जगन्नाथ की पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की.रथ यात्रा के इस अलौकिक दृश्य में केवल भौतिक उपस्थिति नहीं, बल्कि लाखों श्रद्धालुओं की अटूट आस्था के दर्शन हुए. हर कोई प्रभु की एक झलक पाने और रथ खींचने के लिए आतुर था, मानो वे मोक्ष की कामना लिए इस महासागर में गोते लगा रहे हों. इस भव्य आयोजन में केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, विधायक नवीन जायसवाल, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय, राज्य सरकार की मंत्री दीपिका पांडेय सिंह सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति और हजारों की संख्या में भक्त मौजूद रहे.
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