सावन में महिलाओं के बीच बढ़ा मेहंदी का क्रेज, जानिए धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व

News Wave Desk : सावन का पवित्र महीना शुरू होते ही महिलाओं और युवतियों के बीच मेहंदी लगाने का उत्साह बढ़ जाता...

News Wave Desk : सावन का पवित्र महीना शुरू होते ही महिलाओं और युवतियों के बीच मेहंदी लगाने का उत्साह बढ़ जाता है. भगवान शिव को समर्पित सावन में महिलाएं पूजा-पाठ और व्रत के साथ अपने हाथों पर खूबसूरत मेहंदी भी रचाती हैं. सावन की हरियाली और त्योहारों के बीच हाथों पर लगी मेहंदी महिलाओं के श्रृंगार में चार चांद लगा देती है. हिंदू परंपरा में मेहंदी को सुहाग, सौभाग्य, प्रेम और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है. सावन में महिलाएं माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा करती हैं. मान्यता है कि माता पार्वती अखंड सौभाग्य और सुखी दांपत्य जीवन का आशीर्वाद देती हैं. यही वजह है कि कई महिलाएं सावन में मेहंदी लगाकर अपने वैवाहिक जीवन में सुख-शांति और खुशहाली की कामना करती हैं. हालांकि मेहंदी के गहरे रंग को प्रेम और रिश्तों की मजबूती से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन यह धार्मिक और पारंपरिक मान्यता है. सावन में मेहंदी लगाना महिलाओं के बीच सदियों से चली आ रही एक खूबसूरत परंपरा का हिस्सा है.

सावन में क्यों खास मानी जाती है मेहंदी?

सावन का महीना हरियाली, उमंग और उत्सव का प्रतीक माना जाता है. इस दौरान महिलाएं झूला झूलती हैं, सावन के गीत गाती हैं और एक-दूसरे के साथ मिलकर त्योहार मनाती हैं. ऐसे में मेहंदी लगाना सावन के उत्सव को और भी खास बना देता है. पारंपरिक रूप से मेहंदी को शरीर के लिए ठंडक देने वाली भी माना जाता है. हालांकि त्वचा पर मेहंदी लगाने से पहले उसकी गुणवत्ता का ध्यान रखना जरूरी है. खासकर केमिकल युक्त मेहंदी से त्वचा को नुकसान हो सकता है, इसलिए प्राकृतिक और अच्छी गुणवत्ता वाली मेहंदी का इस्तेमाल करना बेहतर माना जाता है.

सावन की मेहंदी
सावन की मेहंदी

 

सावन में कौन-कौन से मेहंदी डिजाइन पसंद किए जा रहे हैं?

सावन में महिलाओं के बीच राजस्थानी, अरेबिक और बेल-पत्ती वाले मेहंदी डिजाइन काफी लोकप्रिय हैं. इसके अलावा फुल हैंड मेहंदी, फूल-पत्तियों के डिजाइन और मिनिमल मेहंदी भी युवतियों को खूब पसंद आ रही है. धार्मिक आस्था से जुड़े डिजाइन में भगवान शिव, त्रिशूल, डमरू और बेलपत्र की आकृतियां भी बनवाई जा रही हैं. वहीं, कई महिलाएं सावन की हरियाली को ध्यान में रखते हुए पत्तियों और फूलों वाली मेहंदी लगाना पसंद कर रही हैं. कुल मिलाकर सावन में मेहंदी महिलाओं के लिए केवल श्रृंगार का हिस्सा नहीं, बल्कि आस्था, परंपरा और खुशियों से जुड़ी एक खास पहचान बन चुकी है. यही वजह है कि सावन आते ही महिलाओं के बीच मेहंदी का क्रेज देखने को मिलता है.

मेहंदी डिजाइन
मेहंदी डिजाइन

 

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