Bokaro: चंद्रपुरा प्रखंड क्षेत्र स्थित दुगदा के जिंदल कंपनी में स्थानीय विस्थापितों को रोजगार दिलाने की मांग को लेकर शनिवार को रैयत विस्थापित समिति के बैनर तले हजारों की संख्या में लोग दुग्दा कोलवाशरी के मुख्य गेट पर जुटे. बतौर मुख्य वक्ता गिरिडीह सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि विस्थापितों को जिंदल कंपनी में सौ प्रतिशत काम देना होगा. इसके लिए विस्थापितों को एकजुट एवं सजग रहने की जरूरत है.
उन्होंने कहा कि जिंदल कंपनी यहां के विस्थापितों के साथ भेदभाव करती है तो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. BCCL प्रबंधन को चेतावनी देते हुए कहा कि प्लांट निर्माण में जो भी छोटे-छोटे काम होंगे, उसे विस्थापितों से कराने का काम करें. उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र का राजनीतिक और आर्थिक शोषण करने वाले लोगों से सावधान रहें. प्रबंधन एवं जिंदल कंपनी के साथ वार्ता कार्यालय में नहीं, बल्कि खुले मैदान में विस्थापितों की उपस्थिति में होगी. उन्होंने विस्थापितों से अपने अधिकारों की लड़ाई के लिए तैयार रहने की अपील करते हुए कहा कि उनके हक और अधिकार दिलाने की लड़ाई में वे साथ रहेंगे. विस्थापितों के साथ अन्याय होने पर वे अपनी जमीन पर पुनः खेती करने के लिए बाध्य होंगे.
विस्थापितों को सौ प्रतिशत काम देने की उठी मांग
दुगदा कोलवाशरी के मुख्य द्वार पर आयोजित जन आक्रोश रैली को संबोधित करते हुए सांसद चौधरी ने कहा कि दुगदा, बुढ़सेरा, दुगदा बस्ती, रटारी और बांधडीह के ग्रामीणों ने देश एवं राज्य हित के लिए अपनी खेती योग्य भूमि SAIL प्रबंधन को दी थी. इसके बाद SAIL प्रबंधन ने अधिग्रहित भूमि BCCL के कोलवाशरी डिविजन को सौंप दी. वहीं, BCCL प्रबंधन ने उक्त भूमि निजी कंपनी JSW (जिंदल) को लीज पर दे दी, जिसे उन्होंने गलत बताया.
सांसद कार्यालय से मुख्य द्वार तक निकला जुलूस
इसके पूर्व दुग्दा स्थित सांसद आवासीय कार्यालय से सैकड़ों की संख्या में लोग जुलूस की शक्ल में वाशरी के मुख्य द्वार तक पहुंचे. कार्यक्रम की अध्यक्षता सांसद प्रतिनिधि रोशन कुमार महतो और संचालन मनोज कुमार दास ने किया. मौके पर आजसू पार्टी जिला अध्यक्ष सचिन कुमार महतो, संतोष महतो, विस्थापित नेत्री सत्यवती देवी, झुमरा किंग करण महतो, मुकेश सिन्हा, फकरुद्दीन, विशाल केवट, पूर्व मुखिया करली देवी, जगरनाथ महतो, हासिम अंसारी, सागर कुमार, नंदलाल महतो और अवध केवट सहित अन्य लोग मौजूद थे.
