Koderma: प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) कोडरमा रमाकांत मिश्रा के मार्गदर्शन में शनिवार को कोडरमा मॉडल कारा में बंदियों के बीच विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया. शिविर का उद्देश्य बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों, कर्तव्यों और न्यायिक प्रक्रिया की जानकारी देकर उन्हें कानून के प्रति जागरूक करना था.
कानून की जानकारी से ही मिलेगा न्याय
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रभारी जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव प्रज्ञा बाजपेई मौजूद रहीं. उन्होंने कहा कि विधिक जागरूकता का उद्देश्य लोगों को उनके अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना है, ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित हो सके.
डीएलएसए हर जरूरतमंद के साथ
प्रज्ञा बाजपेई ने जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए कहा कि गरीब, असहाय और जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराना डीएलएसए की प्राथमिक जिम्मेदारी है. उन्होंने बंदियों से अपनी गलतियों से सीख लेने, व्यवहार में सुधार लाने और भविष्य में कानून का पालन करने का संकल्प लेने की अपील की.
90 दिवसीय अभियान के तहत हुआ आयोजन
उन्होंने कहा कि कानून की जानकारी से ही एक सभ्य और सुव्यवस्थित समाज का निर्माण संभव है. यह शिविर 90 दिवसीय गहन विधिक जागरूकता अभियान के तहत आयोजित किया गया. इस दौरान डिफेंस काउंसिल के अधिवक्ताओं ने बंदियों को उनके मामलों से संबंधित कानूनी जानकारी और आवश्यक परामर्श भी दिया.
अधिवक्ता और न्यायालय कर्मी रहे मौजूद
कार्यक्रम में डिफेंस काउंसिल के अधिवक्ता नवल किशोर, राजेंद्र मंडल, अरुण कुमार ओझा, अश्वनी शरण, ललन चौधरी तथा न्यायालय कर्मी रंजीत कुमार सिंह, संतोष कुमार सहित अन्य लोग उपस्थित रहे.
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