Bokaro: चास क्षेत्र स्थित नारायणपुर मौजा में सरकारी जमीन हड़प कर आलीशान रिसॉर्ट बनाए जाने के मामले में सरकार द्वारा गठित जांच टीम 17 जुलाई को जांच कर लौट गई थी. वहीं, मंगलवार को उत्तरी छोटानागपुर आयुक्त विजय कुमार गुप्ता जांच के लिए चास अंचल पहुंचे. इस मामले को चंदनकियारी विधायक उमाकांत रजक और निरसा विधायक अरूप चटर्जी ने झारखंड विधानसभा में उठाया था, जिसके बाद सरकार के स्तर से जांच शुरू की गई.
बोकारो में करीब 2.80 एकड़ सरकारी जमीन पर कब्जा कर रिसॉर्ट बनाए जाने का आरोप है. आरोप है कि जनवरी 1983 में फर्जी रजिस्ट्री और वर्ष 2015 में रिकॉर्ड में हेरफेर कर नाम चढ़ाया गया. अब आयुक्त स्तर की कमेटी मामले की जांच कर रही है. कमेटी में बोकारो के एक भी अधिकारी को शामिल नहीं किया गया है.
1956 से सरकारी थी जमीन, 1983 में हुई रजिस्ट्री
रिसॉर्ट का निर्माण कार्य बोकारो-रामगढ़ फोरलेन किनारे चास अंचल के नारायणपुर मौजा में चल रहा है. राजस्व रिकॉर्ड के मुताबिक, वर्ष 1956 से यह जमीन सरकारी थी, लेकिन 1983 में इसकी रजिस्ट्री करा ली गई. वर्ष 2015 में अंचल कर्मियों ने बिना आदेश के ऑनलाइन एंट्री कर रसीद भी काट दी.
तीन सदस्यीय कमेटी ने जब्त किए दस्तावेज
विधानसभा में मामला उठने के बाद उत्तरी छोटानागपुर के आयुक्त ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनाई है. कमेटी ने चास अंचल के संबंधित दस्तावेज जब्त कर लिए हैं. आयुक्त विजय कुमार गुप्ता ने कहा कि जांच रिपोर्ट आते ही सरकार को सौंप दी जाएगी और मामले में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
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