हजारीबाग: इचाक प्रखंड के सरकारी विद्यालयों पर बिजली विभाग का लाखों रुपये का बकाया हो गया है. इसके बाद झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड ने संबंधित विद्यालयों को नोटिस भेजकर 15 दिनों के अंदर बकाया राशि का भुगतान करने का निर्देश दिया है.

10 लाख रुपये से अधिक का बकाया
एक अनुमान के अनुसार प्रखंड के सरकारी विद्यालयों का बिजली बिल लगभग 10 लाख रुपये से अधिक हो गया है. नोटिस में यह भी कहा गया है कि तय समय पर भुगतान नहीं करने वाले विद्यालयों का विद्युत कनेक्शन काट दिया जाएगा.
इन विद्यालयों पर है बकाया
जिन विद्यालयों का बिजली बिल बकाया है, उनमें इचाक का प्रतिष्ठित विद्यालय केएन प्लस टू उच्च विद्यालय इचाक का कुल बकाया 1,41,909 रुपये बताया गया है. परियोजना बालिका उच्च विद्यालय इचाक पर 1,56,471 रुपये बकाया है. उत्क्रमित प्लस उच्च विद्यालय देवकुली पर 88,714 रुपये का बकाया है. आदर्श मध्य विद्यालय करियतपुर पर 30,486 रुपये, उत्क्रमित मध्य विद्यालय मांगुरा (हिंदी) पर 1,16,330 रुपये और उमवि बरका बरका पर 10,408 रुपये बकाया है.
इसके अलावा आरएम प्रोजेक्ट उच्च विद्यालय चंदा पर 69,944 रुपये, मध्य विद्यालय जलौंध पर 42,875 रुपये, प्राथमिक विद्यालय गोबरबंदा पर 4,778 रुपये तथा उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय तुरी कॉलोनी हदारी पर 5,770 रुपये बकाया बताया गया है.
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अन्य विद्यालयों पर भी लाखों का बकाया
अपग्रेडेड हाई स्कूल खैरा पर 1,71,263 रुपये और अपग्रेडेड हाई स्कूल खैरा कर्मा पर 1,41,245 रुपये का बकाया है. इसके अलावा प्रखंड के अन्य विद्यालयों पर भी बिजली बिल की बकाया राशि शामिल है.
2023 के बाद से नहीं हुआ भुगतान
इस संबंध में पूछे जाने पर बिजली विभाग के अनुमंडल पदाधिकारी कृष्णदेव प्रजापति ने बताया कि सरकारी विद्यालयों के बिजली बिल का भुगतान जिला शिक्षा विभाग द्वारा किया जाता है. वर्ष 2023 के बाद से विभाग द्वारा बिजली बिल का भुगतान नहीं किया गया है. इसलिए संबंधित विद्यालयों को नोटिस भेजकर बकाया बिजली बिल की मांग की जा रही है.
उन्होंने कहा कि अगर बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया तो विभाग बिजली कनेक्शन काटने को बाध्य होगा.
बच्चों की पढ़ाई पर पड़ सकता है असर
अगर विद्यालयों के बिजली कनेक्शन काट दिए गए तो बच्चों की पढ़ाई पर इसका व्यापक असर पड़ेगा. पढ़ाई बाधित होने के साथ ही कंप्यूटर और लेबोरेटरी में होने वाला प्रैक्टिकल भी बंद होने की आशंका है.

