पलामू: रामनवमी के अवसर पर डीजे पर लगाए गए प्रतिबंध को लेकर भाजपा के वरिष्ठ नेता और सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता Kishor Pandey ने राज्य सरकार पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि रामनवमी जैसे आस्था और परंपरा के पर्व पर डीजे पर रोक लगाना सरकार की दोहरी नीति को दर्शाता है.
सरकार की नीति पर उठाए सवाल
श्री पांडेय ने कहा कि अगर कानून-व्यवस्था के नाम पर डीजे पर प्रतिबंध लगाया जाता है, तो वही नियम सभी समुदायों के जुलूसों और आयोजनों पर समान रूप से लागू होना चाहिए. उन्होंने कहा कि अलग-अलग समुदायों के लिए अलग नियम बनाना उचित नहीं है.
तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप
उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार शांति व्यवस्था बनाए रखने की बात करती है और दूसरी तरफ अलग-अलग समुदायों के लिए अलग नियम बनाती है. यह नीति कहीं न कहीं तुष्टिकरण की राजनीति को बढ़ावा देती है.
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कानून पर्व देखकर तय होंगे?
श्री पांडेय ने व्यंग्य करते हुए कहा कि क्या अब कानून और नियम भी पर्व देखकर तय किए जाएंगे? अगर डीजे से कानून-व्यवस्था प्रभावित होती है तो प्रतिबंध सभी जगह होना चाहिए, और अगर नहीं होती तो फिर रामनवमी पर ही रोक क्यों लगाई जा रही है.
समान नीति अपनाने की मांग
उन्होंने कहा कि सरकार को वोट बैंक की राजनीति छोड़कर समान कानून और समान व्यवहार की नीति अपनानी चाहिए. लोकतंत्र में प्रशासन की जिम्मेदारी है कि सभी समुदायों के साथ समान और निष्पक्ष व्यवहार किया जाए, तभी समाज में विश्वास और सौहार्द बना रह सकता है.
