Koderma:आउटसोर्सिंग कंपनी कमांडो इंडस्ट्रियल सिक्युरिटी फोर्स, हजारीबाग के तहत सदर अस्पताल और जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मियों ने 23 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का फैसला किया है. यह आंदोलन झारखंड स्वास्थ्य आउटसोर्सिंग कर्मचारी संघ (सीटू) के बैनर तले किया जाएगा.
तीन सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन
कर्मियों की प्रमुख मांगों में छह माह के बकाया मानदेय का भुगतान, झारखंड सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मानदेय लागू करना और ईपीएफओ कटौती में कथित गड़बड़ियों को दूर करना शामिल है.
‘आश्वासन मिला, समाधान नहीं’
सीटू के राज्य सचिव संजय पासवान ने कहा कि आउटसोर्सिंग कर्मी पिछले तीन माह से आंदोलन कर रहे हैं. 1 जून को हुई त्रिपक्षीय वार्ता में सिविल सर्जन ने आवंटन मिलने के बाद बढ़े हुए मानदेय का भुगतान कराने का आश्वासन दिया था. 2 जुलाई को प्रदर्शन के दौरान भी न्यूनतम मजदूरी के आधार पर भुगतान की बात दोहराई गई थी.
पुरानी दर पर मिला एक माह का मानदेय
संजय पासवान का आरोप है कि प्रस्तावित हड़ताल से एक दिन पहले कर्मचारियों को केवल एक माह का मानदेय दिया गया और वह भी पुरानी दर पर. उन्होंने इसे कर्मचारियों को “लॉलीपॉप” देने जैसा बताते हुए कहा कि इससे उनकी मूल समस्याओं का समाधान नहीं हुआ.
स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ सकता है असर
संघ ने स्पष्ट किया है कि हड़ताल के कारण यदि जिले की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होती हैं तो इसकी पूरी जिम्मेदारी जिला स्वास्थ्य विभाग और आउटसोर्सिंग कंपनी की होगी.
