Palamu: पलामू संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत डालटनगंज फोरलेन बाईपास सड़क पर लगातार हो रही दुर्घटनाओं को लेकर जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों की मांग अब तेज हो गई है. इसी सिलसिले में नई दिल्ली में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अध्यक्ष संतोष कुमार यादव से सांसद मुलाकात कर पलामू के फोरलेन बाईपास सड़क पर महत्वपूर्ण क्रॉसिंग के पास वीयूपी (Vehicle Under Pass) या फ्लाईओवर निर्माण की जोरदार मांग उठाई. साथ ही, इस गंभीर मामले को लोकसभा में नियम 377 के तहत भी प्रमुखता से उठाया गया.
कई लोगों की असामयिक मृत्यु हो रही है
भारतमाला परियोजना के तहत रांची-वाराणसी फोरलेन कॉरिडोर (राष्ट्रीय राजमार्ग-39) का निर्माण कराया जा रहा है. पलामू संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत इस परियोजना के सेक्शन-3 (भोगू से शंखा) में डालटनगंज फोरलेन बाईपास सड़क का निर्माण हुआ है. इस बाईपास सड़क ने पोखराहा के समीप डालटनगंज-पांकी पथ तथा जोड़ के समीप बैरिया-पाटन पथ की मुख्य सड़क को क्रॉस किया है. परंतु, इन दोनों अत्यंत महत्वपूर्ण क्रॉसिंग पर वीयूपी या फ्लाईओवर का निर्माण नहीं किए जाने के कारण स्थानीय लोगों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है और प्रतिदिन सड़क दुर्घटनाओं में कई लोगों की असामयिक मृत्यु हो रही है. इसी सेक्शन में जोरकट के पास टोल टैक्स शुरू होने के कारण स्थानीय जनता और जनप्रतिनिधियों में भारी आक्रोश है तथा निर्माण की मांग को लेकर लगातार धरना-प्रदर्शन किए जा रहे हैं.
दुर्घटनाओं का खतरा
लगातार प्रयासों के फलस्वरूप एनएचएआई की एक तकनीकी टीम ने स्थल निरीक्षण कर यह सहमति व्यक्त की थी कि पोखराहा और जोड़ दोनों स्थानों पर वीयूपी या फ्लाईओवर का निर्माण अत्यंत आवश्यक है. इस सहमति को लगभग चार माह बीत चुके हैं, किंतु आज तक प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान नहीं की गई है और न ही निर्माण कार्य शुरू हुआ है. इस बीच बाईपास पर यातायात शुरू होने से दुर्घटनाओं का खतरा और अधिक बढ़ गया है.
आवागमन सुनिश्चित हो सके
मुलाकात के दौरान एनएचएआई अध्यक्ष यादव ने झारखंड के एनएचएआई क्षेत्रीय पदाधिकारी संतोष कुमार को फोन कर अविलंब दोनों स्थानों पर वीयूपी/फ्लाईओवर निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया और बहुत जल्द स्वीकृति देकर कार्य प्रारंभ कराने का आश्वासन दिया. जनहित एवं सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पोखराहा और जोड़ में वीयूपी निर्माण की अविलंब स्वीकृति प्रदान कर शीघ्र कार्य शुरू कराने की मांग की गई है, ताकि जनहानि पर प्रभावी रोक लग सके और सुगम आवागमन सुनिश्चित हो सके.
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