कोडरमा: आउटसोर्सिंग कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल से स्वास्थ्य व्यवस्था ठप

Koderma:आउटसोर्सिंग कम्पनी कमांडो इंडस्ट्रियल सिक्युरिटी फोर्स हजारीबाग के अंतर्गत जिला के सदर अस्पताल एवं सभी प्रखण्डों के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यरत...

आउटसोर्सिंग कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल

Koderma:आउटसोर्सिंग कम्पनी कमांडो इंडस्ट्रियल सिक्युरिटी फोर्स हजारीबाग के अंतर्गत जिला के सदर अस्पताल एवं सभी प्रखण्डों के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मियों को 6 माह से मानदेय भुगतान नहीं होने के खिलाफ झारखंड स्वास्थ्य आउटसोर्सिंग कर्मचारी संघ (सीटू) के बैनर तले आउटसोर्स कर्मी 23 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गये हैं. जिसके कारण जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था ठप हो गया है. गुरूवार को समाहरणालय परिसर से जुलूस निकाला गया, जो सिविल सदर अस्पताल पहुंचकर प्रदर्शन व धरना में तब्दील हो गया.

मानदेय में खुल्लम खुल्ला डकैती

आउटसोर्सिंग कर्मचारी संघ के अध्यक्ष रंजीत राम की अध्यक्षता में सभा हुई. संचालन सचिव धीरज तिवारी ने किया. आंदोलन का नेतृत्व कर रहे सीटू के राज्य सचिव संजय पासवान ने कहा कि कमांडो कम्पनी कर्मचारियों के मानदेय में खुल्लम खुल्ला डकैती कर रही है. जिन्हें 26 हजार मानदेय मिलना चाहिए उन्हें 12 हजार दिया जा रहा है. जिन्हें 18 हजार मिलना चाहिए उन्हें 8 हजार दिया जा रहा है. छह माह से कर्मियों का मानदेय बकाया है और आवंटन एक साल का प्राप्त है. फिर भी सदर के कुछ कर्मियों को एक अथवा दो माह का ही मानदेय दिया गया है. जबकि प्रखंड के कर्मियों नहीं मिला है. वह भी सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन का आधा दिया गया है. जबकि कमांडो कंपनी को पूरी राशि का भुगतान किया गया है. इसका मतलब साफ है कि आउटसोर्सिंग कर्मियों को कमांडो कंपनी द्वारा मानदेय के घोटाला में जिला स्वास्थ्य विभाग भी शामिल है.

श्रम अधीक्षक कार्यालय पर प्रदर्शन करने का आह्वान

हड़ताल के पहले ही दिन जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो गया. सदर अस्पताल में सभी तरह की जांच प्रभावित हुआ है. एक्सरे से लेकर अल्ट्रारास्नोग्राफी तक नहीं हुआ. सफाई व्यवस्था पूरी तरह से प्रभावित हुआ है. मरीजों को ले जाने के लिए ट्रॉली मैन तक नहीं मिला. एएनएम जीएनएम के हड़ताल जाने भर्ती मरीजों की नियमित देखभाल के लिए मरीज परेशान रहे. फार्मासिस्ट के हड़ताल में जाने से दवा वितरण पर भी प्रभाव पड़ा. वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में तो स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो गया. समाचार लिखे जाने तक हड़ताल समाप्त नहीं हुआ था. झारखंड सरकार द्वारा निर्धारित मजदूरी के आधार पर मानदेय भुगतान की मांग पर शुक्रवार को सीटू ने श्रम अधीक्षक कार्यालय पर प्रदर्शन करने का आह्वान किया है.

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