Chaibasa: जिला उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरकेएसके) की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में जिले में संचालित किशोर स्वास्थ्य सेवाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई तथा इनके प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए.
संचालन सुनिश्चित
समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिले में संचालित सभी आरकेएसके (RKSK) केंद्रों पर स्थायी साइनेज लगाए जाएं, ताकि आमजन एवं किशोर-किशोरियों को केंद्रों की जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सके और स्वास्थ्य सेवाओं तक उनकी पहुंच अधिक सुगम बन सके. बैठक में विद्यालय आधारित किशोर स्वास्थ्य गतिविधियों को और सुदृढ़ बनाने पर विशेष जोर दिया गया. उपायुक्त ने शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले के सभी विद्यालयों में कक्षा 6 से 10 तक के विद्यार्थियों में से दो बालक एवं दो बालिकाओं का चयन ‘साथिया’ (पीयर एजुकेटर) के रूप में किया जाए. चयनित साथिया विद्यार्थियों के माध्यम से किशोर स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता, मानसिक स्वास्थ्य तथा जीवन कौशल जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूकता गतिविधियों का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जाएगा.
कार्यक्रम का उद्देश्य किशोर-किशोरियों को जागरूक एवं आत्मनिर्भर बनाना
उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि “राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम का उद्देश्य किशोर-किशोरियों को स्वस्थ, जागरूक एवं आत्मनिर्भर बनाना है. इसके लिए स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए सभी गतिविधियों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि कार्यक्रम का लाभ अधिकाधिक किशोर-किशोरियों तक पहुंच सके.” बैठक में मुख्य रूप से उप विकास आयुक्त, सिविल सर्जन, अनुमंडल पदाधिकारी चक्रधरपुर, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी सहित स्वास्थ्य, शिक्षा एवं संबंधित विभागों के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे.
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