Palamu: नीलांबर-पीतांबरपुर में शिक्षा के मंदिर में पढ़ने वाले बच्चों को आज बुनियादी सुविधा के अभाव में जान जोखिम में डालनी पड़ रही है. नीलांबर-पीतांबरपुर प्रखंड स्थित स्तरोन्नत उच्च विद्यालय, चौरा का शौचालय करीब एक वर्ष पूर्व जर्जर होकर गिर गया था. तब से विद्यालय के छात्र-छात्राएं खुले में शौच जाने को विवश हैं. बरसात के मौसम में यह परेशानी और भी गंभीर हो गई है, क्योंकि खुले स्थानों पर सांप, बिच्छू सहित अन्य जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा लगातार बना रहता है.

स्थिति को लेकर गहरी चिंता
बच्चो ने बताया कि कई बार बच्चे शौच के लिए जाते समय जहरीले जीवों से बाल-बाल बचे हैं. परिसर में कई जहरीले जानवरों को मारना भी पड़ा है. शिक्षकों में इस स्थिति को लेकर गहरी चिंता है. उनका कहना है कि यदि समय रहते शौचालय का निर्माण नहीं कराया गया तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है. विद्यालय के प्रभारी कंचन कुमार शुक्ला ने बताया कि वर्ष 2025 में जिला शिक्षा परियोजना से नए शौचालय निर्माण की स्वीकृति मिल चुकी है. इसके बावजूद एक वर्ष बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है. उन्होंने बताया कि संबंधित जेई चंदन कुमार सिंह से कई बार संपर्क किया गया, लेकिन हर बार “आज-कल काम शुरू हो जाएगा” कहकर आश्वासन दिया जाता रहा. वहीं इस संबंध में जेई चंदन कुमार सिंह ने टेलीफोन पर बताया कि संवेदक को भुगतान नहीं मिलने के कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है.
अविलंब निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग
अब सवाल यह है कि जब शौचालय निर्माण की स्वीकृति मिल चुकी है, तब भी आखिर बच्चों को कब तक खुले में शौच करने के लिए मजबूर रहना पड़ेगा? विद्यालय में पढ़ने वाले सैकड़ों विद्यार्थियों की सुरक्षा और सम्मान को देखते हुए शिक्षकों ने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से अविलंब निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है.
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