Ranchi: भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी झारखंड के राज्य सचिव महेंद्र पाठक ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को छात्र और प्रगतिशील आंदोलनों की बड़ी जीत बताया है.
आंदोलन के सामने झुकना पड़ा केंद्र सरकार को
उन्होंने कहा कि NEET पेपर लीक, शिक्षा के निजीकरण और परीक्षा व्यवस्था की खामियों के खिलाफ देशभर के छात्र आंदोलन कर रहे थे. दिल्ली के जंतर-मंतर पर लंबे समय तक चले आंदोलन के दबाव में केंद्र सरकार को आखिरकार झुकना पड़ा.
सरकार ने प्रदर्शनकारियों पर लगाए थे कई गंभीर आरोप
महेंद्र पाठक ने आरोप लगाया कि आंदोलन के दौरान सरकार ने प्रदर्शनकारियों पर कई तरह के आरोप लगाए और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर लाठीचार्ज व गिरफ्तारियां भी कीं. इसके बावजूद छात्रों ने अपना आंदोलन जारी रखा. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक मंत्री के इस्तीफे की बात नहीं है, बल्कि छात्रों, युवाओं और आम जनता की एक बड़ी जीत है. इससे साबित होता है कि जन आंदोलनों के दबाव में सरकार को फैसले बदलने पड़ते हैं.
भाकपा ने मांग की कि आंदोलनकारी छात्रों पर दर्ज सभी मुकदमे वापस लिए जाएं
भाकपा ने मांग की है कि आंदोलनकारी छात्रों पर दर्ज सभी मुकदमे वापस लिए जाएं, पेपर लीक से प्रभावित परिवारों को मुआवजा दिया जाए, शिक्षा का व्यापारीकरण रोका जाए, सरकारी स्कूल-कॉलेजों को मजबूत किया जाए और झारखंड में JPSC, उत्पाद सिपाही समेत अन्य परीक्षाओं में पेपर लीक मामलों की CBI जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए.
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