Ranchi: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश सचिव एवं प्रवक्ता ऋषीकेश सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के जेपीएससी को लेकर दिए गए बयान पर पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि भाजपा अपने शासनकाल में जेपीएससी और नियुक्ति प्रक्रियाओं को लेकर उठे विवादों के कारण इस मुद्दे पर बोलने का नैतिक अधिकार खो चुकी है. ऋषीकेश सिंह ने कहा कि रघुवर दास के मुख्यमंत्री रहते 6वीं जेपीएससी समेत कई भर्ती प्रक्रियाएं विवादों में रहीं. उन परीक्षाओं में अनियमितता और पक्षपात के आरोप लगे थे. इसलिए भाजपा को युवाओं के हितैषी होने का दावा करने से पहले अपने कार्यकाल का हिसाब देना चाहिए. उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार समय पर जेपीएससी परीक्षाएं कराने में भी विफल रही, जिससे हजारों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ. इसी वजह से 2019 में राज्य की जनता ने भाजपा के खिलाफ मतदान किया.
करोड़ों अभ्यर्थी प्रभावित
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि महागठबंधन सरकार ने भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी रोकने के लिए देश के सबसे सख्त परीक्षा कानूनों में से एक बनाया है. इस कानून में पेपर लीक, नकल और भर्ती में धांधली करने वालों के लिए 10 साल से लेकर आजीवन कारावास और 10 करोड़ तक जुर्माने का प्रावधान है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने इस कानून का भी विरोध किया था. ऋषीकेश सिंह ने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट रुख है कि किसी भी परीक्षा में शिकायत मिलने पर तुरंत जांच और कार्रवाई की जाती है. उन्होंने दावा किया कि अब सामान्य और गरीब परिवारों के युवाओं को भी योग्यता के आधार पर अवसर मिल रहे हैं. उन्होंने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में देशभर में 152 से अधिक पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं, जिनसे करोड़ों अभ्यर्थी प्रभावित हुए. ऐसे में भाजपा को दूसरों पर आरोप लगाने के बजाय अपनी जिम्मेदारी तय करनी चाहिए.कांग्रेस ने कहा कि किसी भी परीक्षा में गड़बड़ी करने वाले व्यक्ति को, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, कड़ी सजा मिलनी चाहिए. पार्टी ने आरोप लगाया कि भाजपा केंद्र की विफलताओं पर चुप रहती है, जबकि झारखंड में सिर्फ राजनीतिक लाभ के लिए बयानबाजी करती है.
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