झारखंड हाईकोर्ट के वरीय अधिवक्ताओं का सम्मान, सीनियर एडवोकेट को बताया गया बार और बेंच की मजबूत कड़ी

Ranchi: अधिवक्ता परिषद झारखंड हाईकोर्ट इकाई की ओर से रविवार को रांची के पुंदाग स्थित IIM परिसर में झारखंड उच्च न्यायालय के...

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Ranchi: अधिवक्ता परिषद झारखंड हाईकोर्ट इकाई की ओर से रविवार को रांची के पुंदाग स्थित IIM परिसर में झारखंड उच्च न्यायालय के सभी नामित (डिजिग्नेटेड) वरीय अधिवक्ताओं के सम्मान में समारोह आयोजित किया गया. इस अवसर पर “न्यायिक प्रणाली में वरीय अधिवक्ताओं की भूमिका” विषय पर विचार गोष्ठी भी हुई, जिसमें वक्ताओं ने कहा कि वरीय अधिवक्ता न्याय व्यवस्था के पथप्रदर्शक होने के साथ-साथ बार और बेंच के बीच मजबूत सेतु की भूमिका निभाते हैं.

वरीय अधिवक्ता समाज के होते हैं पथप्रदर्शक

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद के महासचिव डी. भरत कुमार ने कहा, कि वरीय अधिवक्ता समाज के पथप्रदर्शक होते हैं. उन्होंने कहा कि न्याय हमेशा सर्वोपरि होता है और किसी भी पद से ऊपर है. उन्होंने कहा कि वरीय अधिवक्ताओं का दायित्व केवल मुकदमा जीतना नहीं, बल्कि समाज को सही दिशा और सकारात्मक संदेश देना भी है. वरीय अधिवक्ता विजय प्रताप सिंह ने बार और बेंच के आदर्श संबंधों पर प्रकाश डालते हुए कहा, कि एक सच्चा वरीय अधिवक्ता वही है, जो अपने जूनियर, साथी अधिवक्ताओं और न्यायालय का सम्मान करे. उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए अधिवक्ताओं को पेशेवर आचरण और मर्यादा बनाए रखने की सीख दी.

हर वर्ष वरीय अधिवक्ताओं के सम्मान के लिए किए जाते हैं कार्यक्रम आयोजित

अधिवक्ता परिषद झारखंड हाईकोर्ट इकाई के अध्यक्ष एवं वरीय अधिवक्ता ए.के. कश्यप ने कहा, कि हाईकोर्ट में अधिवक्ताओं के केवल दो पद होते हैं अधिवक्ता और वरीय अधिवक्ता. उन्होंने कहा कि किताबों से अधिक सीख वरीय अधिवक्ताओं के व्यवहार, कार्यशैली और न्यायालय में उनके आचरण से मिलती है. वे बार और बेंच के बीच समन्वय की महत्वपूर्ण कड़ी हैं. वहीं, इस दौरान अधिवक्ता परिषद झारखंड के क्षेत्रीय संगठन मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि वरीय अधिवक्ता सभी अधिवक्ताओं के गुरु होते हैं. उन्होंने कहा कि गुरु-शिष्य परंपरा को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से परिषद हर वर्ष गुरु पूजन और वरीय अधिवक्ताओं के सम्मान जैसे कार्यक्रम आयोजित करती है और आगे भी यह परंपरा जारी रहेगी.  IIM रांची के निदेशक दीपक श्रीवास्तव ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस दौर में भी वरीय अधिवक्ताओं का अनुभव और मार्गदर्शन बेहद महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि उनके अनुभव का लाभ केवल अधिवक्ताओं को ही नहीं, बल्कि पूरे समाज को मिलना चाहिए.

समारोह में बड़ी संख्या में अधिवक्ता, महिला अधिवक्ता, समाजसेवी एवं गणमान्य लोग रहे उपस्थित 

कार्यक्रम की अध्यक्षता अधिवक्ता परिषद झारखंड हाईकोर्ट इकाई ने की, जबकि परिषद के प्रदेश अध्यक्ष प्रशांत विद्यार्थी ने स्वागत भाषण देते हुए परिषद के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला. मंच पर प्रांतीय महासचिव विजय नाथ कुंवर, महिला अधिवक्ता इंदु परासर और बक्शी विभा भी मौजूद रहीं. इस अवसर पर झारखंड हाईकोर्ट के 19 डिजिग्नेटेड वरीय अधिवक्ताओं को प्रतीक चिह्न, शॉल, पुष्पगुच्छ और पुस्तक भेंट कर सम्मानित किया गया. परिषद के पदाधिकारियों ने पारंपरिक गुरु-शिष्य परंपरा के तहत उनके चरण स्पर्श कर सम्मान व्यक्त किया. कार्यक्रम का संचालन प्रांतीय उपाध्यक्ष नीता कृष्णा ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन हाईकोर्ट इकाई के महासचिव पवन पाठक ने किया. कार्यक्रम के संयोजक रवि प्रकाश थे. समारोह में बड़ी संख्या में अधिवक्ता, महिला अधिवक्ता, समाजसेवी एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे. कार्यक्रम की जानकारी परिषद के प्रांत मीडिया प्रभारी रीतेश कुमार बॉबी ने दी.

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