Saraikela: उप विकास आयुक्त रीना हांसदा ने आज अपने कार्यालय प्रकोष्ठ में विभिन्न कार्यान्वयन एजेंसियों द्वारा संचालित विकास एवं निर्माण कार्यों की समीक्षा की. बैठक में सिविल सर्जन डॉ. सरयू प्रसाद सिंह, जिला योजना पदाधिकारी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, तथा भवन निर्माण विभाग, लघु सिंचाई प्रमंडल, विशेष प्रमंडल, जिला परिषद, पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल, ग्रामीण कार्य विभाग सहित विभिन्न कार्य प्रमंडलों के कार्यपालक अभियंता, कनीय अभियंता एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे. बैठक में जिला परिषद, डीएमएफटी (DMFT) एवं अन्य योजनाओं के अंतर्गत स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, भवन निर्माण, सड़क तथा अन्य आधारभूत संरचना से संबंधित निर्माण एवं विकास कार्यों की अद्यतन प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। उप विकास आयुक्त ने सभी कार्यान्वयन एजेंसियों को योजनाओं का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उन्होंने निर्देश दिया कि लंबित योजनाओं में तेजी लाते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर उन्हें पूर्ण किया जाए तथा पूर्ण हो चुकी योजनाओं का शीघ्र हस्तांतरण सुनिश्चित करते हुए आमजनों को योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाए. जिन योजनाओं की प्रगति अपेक्षित नहीं है, उनकी नियमित समीक्षा करते हुए आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा कार्यों में अपेक्षित प्रगति लाने के निर्देश दिए गए.

तय समय पर सभी कार्य करें पूरा : DDC
समीक्षा के दौरान उप विकास आयुक्त ने संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को अपने अधीन संचालित योजनाओं एवं निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग एवं समय-समय पर समीक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी कार्यों में अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित की जाए. उन्होंने सभी कार्यपालक अभियंताओं को निर्देश दिया कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देते हुए स्वीकृत प्राक्कलन, तकनीकी मानकों एवं निविदा (टेंडर) की शर्तों के अनुरूप ही कार्य निष्पादित कराना सुनिश्चित करें. निर्माण कार्यों में निर्धारित गुणवत्ता की सामग्रियों का उपयोग किया जाए तथा सभी संरचनाएं स्वीकृत डिजाइन, ड्राइंग एवं प्राक्कलन के अनुरूप निर्मित हों. कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर संबंधित संवेदक एवं उत्तरदायी पदाधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया. बैठक में ऐसे संवेदकों की भी समीक्षा की गई जिन्होंने अब तक कार्य प्रारंभ नहीं किया है अथवा बिना किसी वैध कारण के निर्माण कार्यों में अनावश्यक विलंब किया है. उप विकास आयुक्त ने संबंधित कार्यान्वयन एजेंसियों को ऐसे संवेदकों के विरुद्ध संविदा की शर्तों एवं प्रचलित नियमों के अनुरूप कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा आवश्यकता पड़ने पर दंडात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया प्रारंभ करने का निर्देश दिया.
