Ranchi : नगड़ी में रिम्स-2 के लिए चिन्हित जमीन को लेकर बुधवार को फिर विवाद सामने आया. स्थानीय रैयतों का कहना है कि वे अपनी पारंपरिक धार्मिक पूजा के लिए प्रस्तावित जमीन पर जाना चाहते थे, लेकिन प्रशासन ने उन्हें वहां जाने की अनुमति नहीं दी. रैयतों के अनुसार, इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था और कई जगह बैरिकेडिंग की गई थी. सुरक्षा के चलते एक तरफ का रास्ता भी बंद कर दिया गया. जिससे लोग पूजा स्थल तक नहीं पहुंच सके.
आदिवासी परिवार की पुरानी परंपरा
रैयतों का कहना है कि यह पूजा किसी आंदोलन या प्रदर्शन का हिस्सा नहीं थी, बल्कि एक आदिवासी परिवार की वर्षों पुरानी धार्मिक परंपरा है. उनका दावा है कि इस पूजा के लिए पहले से सभी तैयारियां कर ली गई थीं और बलि के लिए भेड़ भी खरीदी गई थी. हालांकि प्रशासन की रोक के कारण उन्हें प्रस्तावित जमीन के बाहर ही पूजा करनी पड़ी.
राजनीतिक गतिविधि मानते हुए पूजा करने से रोका गया
रैयतों ने बताया कि नगड़ी में यह विशेष पूजा हर 12 साल में होती है. उनके अनुसार, एक परिवार और एक खदान से जुड़ी यह पारंपरिक पूजा लंबे समय से होती आ रही है. रैयतों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने इसे राजनीतिक गतिविधि मानते हुए पूजा को निर्धारित स्थान पर नहीं होने दिया.
