Ranchi: अक्सर जब भी किसी राज्य में छात्र आंदोलन या प्रदर्शन की तस्वीरें सामने आती हैं, तो दिमाग में लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले, भारी तनाव और अफरा-तफरी का दृश्य उभरता है. अमूमन खाकी का सख्त चेहरा ही ऐसे मौकों पर देखने को मिलता है. लेकिन राजधानी रांची से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने पुलिसिंग की पुरानी छवि को बदलते हुए ‘संवेदनशील और मानवीय पुलिसिंग’ की एक नई मिसाल पेश की है.
जयपाल सिंह स्टेडियम के पास का मामला
घटना जयपाल सिंह स्टेडियम के पास की है, जहां विभिन्न मांगों को लेकर छात्र बड़ी संख्या में एकत्रित हुए थे. प्रदर्शन शुरू होने से ठीक पहले माहौल में थोड़ा तनाव था, क्योंकि छात्रों को अंदेशा था कि पुलिस बल प्रयोग कर सकती है. लेकिन स्थिति तब पूरी तरह बदल गई जब मोर्चे पर तैनात सभी पुलिस जवानों को एक जगह इकट्ठा किया और सख्त हिदायत की जगह एक ‘संवेदनशील संदेश’ दिया.
पुलिस ने कहा कि ये हमारे अपने बच्चे हैं और देश का भविष्य हैं. प्रदर्शन स्थल पर किसी भी छात्र के साथ अभद्रता या दुर्व्यवहार नहीं होना चाहिए. हर छात्र के साथ शालीनता, धैर्य और सम्मान से पेश आना है. हमारा काम कानून-व्यवस्था बनाए रखना है, किसी की आवाज को दबाना नहीं.
लाठियों की जगह मिला सम्मान और संवाद
जहां देश के अलग-अलग हिस्सों में अक्सर छात्रों की मांगें और आवाजें पुलिसिया लाठियों के शोर में दब जाती हैं, वहीं रांची में पुलिस का यह रवैया लोकतंत्र की वास्तविक भावना को दर्शाता नजर आया. पुलिस के इस सकारात्मक व्यवहार को देखकर छात्रों का आक्रोश भी शांत हुआ और उन्होंने बेहद अनुशासित एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखी. पुलिस अधिकारियों ने छात्रों के प्रतिनिधियों से बातचीत की और उनकी मांगों को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने का भरोसा दिया.
सोशल मीडिया पर सराहना, बनी मिसाल
रांची पुलिस के इस संवेदनशील कदम की अब हर तरफ तारीफ हो रही है. सोशल मीडिया पर लोग रांची पुलिस के इस रवैये की जमकर सराहना कर रहे हैं. आम नागरिकों का कहना है कि अगर हर जगह पुलिस इसी तरह संयम, सम्मान और संवेदनशीलता से काम ले, तो आंदोलन कभी हिंसक नहीं होंगे और जनता का पुलिस पर विश्वास और अधिक मजबूत होगा.
ALSO READ: रांची में बनेंगे तीन नए स्मार्ट ग्रिड, विद्युत व्यवस्था होगी और अधिक सुदृढ़
