रांची: प्रकृति पर्व सरहुल के सफल, भव्य और शांतिपूर्ण आयोजन को लेकर सोमवार को रांची समाहरणालय स्थित उपायुक्त सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी मंजूनाथ भजन्त्री ने की. इस बैठक में केंद्रीय सरना समिति के प्रतिनिधियों के साथ विभिन्न आदिवासी संगठनों के सदस्य भी शामिल हुए और पर्व के आयोजन से जुड़े कई सुझाव प्रशासन के सामने रखे.
शोभायात्रा के सुचारु संचालन को लेकर की गई चर्चा

बैठक में वरीय पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन, पुलिस अधीक्षक (यातायात) राकेश सिंह सहित जिला प्रशासन और नगर निगम के कई अधिकारी मौजूद रहे. इस दौरान सरहुल पर्व के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक प्रबंधन, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था और शोभायात्रा के सुचारु संचालन को लेकर विस्तार से चर्चा की गई.
प्रशासन ने नगर निगम को निर्देश दिया कि प्रमुख सरना स्थलों और शोभायात्रा मार्गों पर साफ-सफाई और लाइट की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए शोभायात्रा के बाद लोगों को घर तक पहुंचाने के लिए नगर निगम की ओर से बस सेवा भी उपलब्ध कराई जाएगी.
नियमों का पालन करने की अपील
बिजली विभाग के अधिकारियों ने सरना समितियों से अनुरोध किया कि झंडा और झांकी की ऊंचाई 6 मीटर से अधिक न रखें, ताकि बिजली तारों से किसी तरह की दुर्घटना की आशंका न रहे. इसके साथ ही ध्वनि प्रदूषण से जुड़े नियमों का भी पालन करने की अपील की गई.
श्रद्धालुओं को सुविधाएं उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता
बैठक में उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि सरहुल पर्व के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि प्रशासन और सरना समितियों के बीच बेहतर समन्वय और लगातार संवाद से ही इस पर्व का सफल आयोजन संभव हो सकेगा. उन्होंने समिति के सदस्यों से प्रशासन द्वारा बनाए गए व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने का भी आग्रह किया, ताकि सूचनाओं का आदान-प्रदान तेजी से हो सके.
वहीं वरीय पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन ने कहा कि सरहुल पर्व के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे और सभी के सहयोग से यह पर्व शांतिपूर्ण और उत्साह के साथ मनाया जाएगा.
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