Hazaribagh: आधुनिक दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तेजी से जीवन के हर क्षेत्र में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है. शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और व्यवसाय जैसे क्षेत्रों में एआई नई संभावनाओं के द्वार खोल रहा है. आने वाले समय में एआई न केवल कार्यशैली को बदलने वाला है, बल्कि युवाओं के करियर निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने जा रहा है.
उक्त बातें विशेष बातचीत के दौरान आईसेक्ट विश्वविद्यालय के कुलाधिपति संतोष चौबे ने कही. उन्होंने कहा कि ऐसे समय में आईसेक्ट विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों को नई तकनीक से जोड़ने और एआई के प्रति जागरूक करने की दिशा में एक सराहनीय पहल शुरू की है, जिसका नाम एआई साक्षरता मिशन है. इसके जरिए शुरुआत से ही विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा से जोड़ने में मदद मिलेगी और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सकेंगे.

कुलपति डॉ गौरव शुक्ला ने कहा कि यह तकनीक विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता, रचनात्मकता और कार्यकुशलता को नई ऊंचाई दे सकती है. जरूरी है कि युवा समय रहते एआई की समझ विकसित करें.
स्कूलों और कॉलेजों में आयोजित हो रही वर्कशॉप
वहीं विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ मुनीष गोविंद ने बताया कि स्थापना दिवस के मौके पर आगामी 14 व 15 मई को आयोजित होने वाली एआई प्रतियोगिता से पहले संबंधित विशेषज्ञों की टीम में शामिल उदय रंजन, रविकांत कुमार, सत्यार्थी ज्ञान प्रकाश, प्रभात कुमार, सूरज कुमार व हिमांशु चौधरी विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों में जाकर विशेष एआई वर्कशॉप आयोजित करा रहे हैं.
डॉ गोविंद ने बताया कि इन वर्कशॉप का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को एआई की बुनियादी समझ देना, इसके उपयोग और भविष्य में इसके महत्व से परिचित कराना है. वर्कशॉप के दौरान विद्यार्थियों को बताया जा रहा है कि एआई कैसे कंटेंट क्रिएशन, डिजाइनिंग, वीडियो निर्माण, डेटा विश्लेषण और प्रोफेशनल रिज्यूमे तैयार करने जैसे कार्यों को आसान और प्रभावी बना रहा है.
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14 और 15 मई को होगी एआई प्रतियोगिता
बताते चलें कि विश्वविद्यालय में आगामी 14 और 15 मई को आयोजित एआई प्रतियोगिता “क्रिएट कर बेफिकर” के तहत विद्यार्थी इमेज क्रिएशन, वीडियो क्रिएशन और रिज्यूमे मेकिंग जैसी श्रेणियों में नि:शुल्क भाग ले सकेंगे. प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए पंजीयन की अंतिम तिथि 11 मई 2026 निर्धारित की गई है.
विश्वविद्यालय के वेबसाइट पर “क्रिएट कर बेफिकर” नाम से रजिस्ट्रेशन फॉर्म उपलब्ध है, जहां जाकर इच्छुक विद्यार्थी नि: शुल्क पंजीकरण करा सकते हैं. दरअसल यह पहल केवल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के विद्यार्थियों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाना और उन्हें भविष्य की डिजिटल दुनिया के लिए तैयार करना है.
