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पलामू हिरासत मौत मामले में HC का विस्तृत आदेश : सवालों के घेरे में CJM, वही पुलिस ने मेडिकल रिपोर्ट से किया छेड़छाड़

Palamu: पलामू के युवक महफूज अहमद की हिरासत में मौत मामले में झारखंड हाई कोर्ट का विस्तृत आदेश बेहद सनसनीखेज है. दरअसल...

Palamu: पलामू के युवक महफूज अहमद की हिरासत में मौत मामले में झारखंड हाई कोर्ट का विस्तृत आदेश बेहद सनसनीखेज है. दरअसल झारखंड हाई कोर्ट के न्यायाधीश सुजीत नारायण प्रसाद एवं न्यायाधीश अनुभा रावत चौधरी ने पुलिस द्वारा पेश की गई मेडिकल रिपोर्ट को संदिग्ध मानते हुए कई बड़े एवं अहम सवाल उठाए हैं.

CJM के आदेश पर सवाल

अदालत ने मामले में CJM द्वारा एक ही दिन में दो अलग-अलग आदेश पारित किए जाने पर हैरानी जताई है. अदालत ने माना है कि ऐसा संभव है कि अलग-अलग आदेश की आवश्यकता पड़ी हो, लेकिन आदेश पारित करते समय यह उल्लेख नहीं किया गया कि जहां युवक को पहले “फिट फॉर कस्टडी” बताया गया, वहीं उसी दिन इंजरी रिपोर्ट भी सामने आई, जिसमें एक्स-रे एवं दवाइयों का जिक्र है.

मेडिकल रिपोर्ट पर संदेह

हालांकि अदालत फिलहाल संदिग्ध रिपोर्ट की परख और उसके विभिन्न पहलुओं पर सुनवाई कर रही है, लेकिन अपनी मौखिक टिप्पणी में कोर्ट ने साफ कहा कि यदि मामले में CJM की गलती भी सामने आती है तो उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

पुलिस पर छेड़छाड़ का आरोप

वहीं दूसरी तरफ अदालत के आदेश में पुलिस द्वारा मेडिकल रिपोर्ट में छेड़छाड़ किए जाने का मामला भी स्पष्ट रूप से सामने आया है. अदालत के समक्ष पेश किए गए अधिकतर दस्तावेज मूल नहीं थे, जबकि नियम के अनुसार अदालत में मूल कॉपी सौंपी जानी चाहिए. पुलिस पर मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के डिस्चार्ज टिकट से छेड़छाड़ करने का भी आरोप है.

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फर्द बयान में टॉर्चर का जिक्र

वहीं रिम्स में मृत युवक के फर्द बयान में यह साफ जाहिर हो रहा है कि उसे 1 मार्च 2025 को टॉर्चर किया गया था. अपने आदेश में न्यायालय ने बिंदुवार तरीके से विभिन्न विसंगतियों और संदेहों को जाहिर किया है.

अधिवक्ता ने अदालत में क्या कहा

प्रार्थी के अधिवक्ता शादाब इकबाल ने अदालत में कहा कि युवक को 1 मार्च से 4 मार्च तक लगातार टॉर्चर किया गया. इस दौरान उसे बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया था, लेकिन पुलिस ने उसे रेफर करने के बजाय दोबारा पीटा और मामले पर लीपापोती शुरू कर दी.

रिमांड और इंजरी आदेश पर सवाल

जहां पांकी थाने में युवक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया, वहीं दूसरी ओर एक ही दिन रिमांड और फिर इंजरी का आदेश भी पारित कराया गया. इस पूरी प्रक्रिया पर अदालत ने गंभीर सवाल उठाए हैं.

सोमवार को होगी अगली सुनवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने मामले को सोमवार को दूसरे केस के रूप में सुबह 10:30 बजे सूचीबद्ध किया है. वहीं संदिग्ध रिपोर्ट की जांच और परख के लिए मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के सुपरिटेंडेंट, डिप्टी सुपरिटेंडेंट एवं ड्यूटी डॉक्टर को मूल कागजात के साथ उपस्थित होने का सख्त निर्देश जारी किया है.

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