News Wave Dask : अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है, लेकिन भारत में शनिवार 9 मई को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है, सरकार ने आम उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए फिलहाल ईंधन दरों को स्थिर रखा है, मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और सप्लाई चेन प्रभावित होने के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं, शुक्रवार को अमेरिकी और ईरानी सेनाओं के बीच झड़पों के बाद ब्रेंट क्रूड करीब 2.9 फीसदी उछलकर 103 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया, हालांकि बाद में इसमें हल्की गिरावट भी दर्ज की गई.
देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल के दाम (₹ प्रति लीटर)

नई दिल्ली – 94.77
कोलकाता – 105.41
मुंबई – 103.54
चेन्नई – 100.84
गुरुग्राम – 95.51
नोएडा – 95.48
बेंगलुरु – 102.92
भुवनेश्वर – 101.16
चंडीगढ़ – 94.30
हैदराबाद – 107.50
जयपुर – 104.91
लखनऊ – 94.69
पटना – 91.49
तिरुवनंतपुरम – 96.48
क्यों बढ़ रहा है कच्चे तेल का दबाव?
मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में बड़ा उतार-चढ़ाव देखा गया है.
युद्ध से पहले कच्चा तेल करीब 73 डॉलर प्रति बैरल था, 30 अप्रैल को यह बढ़कर 126 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया, 6 मई को कीमत घटकर 97.77 डॉलर प्रति बैरल रही
महंगाई पर कितना पड़ेगा असर?
विशेषज्ञों के मुताबिक कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर थोक महंगाई यानी WPI पर ज्यादा देखने को मिल सकता है, जबकि खुदरा महंगाई यानी CPI पर फिलहाल असर सीमित रहेगा, इसकी बड़ी वजह यह है कि सरकार ने पेट्रोल, डीजल और घरेलू LPG की कीमतों को अभी स्थिर रखा है, हालांकि कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है.
फिलहाल आम लोगों को राहत
सरकार की रणनीति के तहत घरेलू उपभोक्ताओं पर तत्काल बोझ न पड़े, इसलिए ईंधन कीमतों में बदलाव नहीं किया गया है, हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में जारी तनाव के चलते आने वाले दिनों में हालात बदल सकते हैं.
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