Ranchi: झारखंड हाईकोर्ट ने साहिबगंज की पाइप जलापूर्ति योजना में पाई गई गंभीर खामियों पर सख्त रुख अपनाते हुए 57 घरों की लीकेज पाइपलाइन को शीघ्र दुरुस्त करने का निर्देश दिया है. मुख्य न्यायाधीश एम.एस. सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने लगभग 70 करोड़ रुपये की पेयजल योजना से संबंधित जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया. खंडपीठ ने राज्य सरकार से यह भी पूछा कि पाइपलाइन पेयजलापूर्ति योजना को साहिबगंज नगर परिषद को कब तक हस्तांतरित किया जाएगा. मामले की अगली सुनवाई 19 अगस्त को निर्धारित की गई है.
निरीक्षण में सामने आई पाइपलाइन लीकेज की समस्या
पिछली सुनवाई के दौरान अदालत ने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अपर मुख्य सचिव को स्वयं साहिबगंज जाकर पाइप जलापूर्ति योजना का निरीक्षण करने का निर्देश दिया था. निरीक्षण में 57 घरों की पाइपलाइन में लीकेज पाए जाने की जानकारी अदालत को दी गई। इसके बाद हाईकोर्ट ने तत्काल मरम्मत सुनिश्चित करने का निर्देश जारी किया.
वार्ड पार्षदों ने भी बताई योजना की खामियां
सुनवाई के दौरान साहिबगंज नगर परिषद के 28 में से 21 वार्ड पार्षदों के बयान अदालत में प्रस्तुत किए गए थे. जिसमें पार्षदों ने कहा कि साहिबगंज पाइपलाइन जलापूर्ति योजना अब तक पूरी नहीं हुई है. कई स्थानों पर पाइपलाइन से लगातार पानी का रिसाव हो रहा है और बड़ी संख्या में घरों को अब तक नल कनेक्शन उपलब्ध नहीं कराया गया है.

सरकार से जवाब तलब
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से योजना की वर्तमान स्थिति, लीकेज मरम्मत की समयसीमा और नगर परिषद को हस्तांतरण की प्रक्रिया पर विस्तृत जवाब मांगा है. अदालत ने संकेत दिया कि पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा में लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी.
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