Ranchi: झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) परीक्षाओं में फर्जीवाड़े के बहुचर्चित मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी अभय कुमार तिवारी की जमानत याचिका पर अपर न्याययुक्त योगेश कुमार की अदालत में सुनवाई हुई. अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए केस डायरी और विस्तृत जवाब तलब किया है. अब इस हाई-प्रोफाइल मामले की अगली सुनवाई आगामी 11 अगस्त को होगी. आरोपी की ओर से बुधवार को ही जमानत के लिए याचिका दाखिल की गई थी.
गोड्डा से हुई गिरफ्तारी
सीआईडी की टीम ने कार्रवाई करते हुए 22 जुलाई को गोड्डा जिले से अभय कुमार तिवारी को धर दबोचा था. गिरफ्तारी के वक्त आरोपी गोड्डा जिला अंतर्गत खाद्य आपूर्ति विभाग में मार्केटिंग ऑफिसर (एमओ) के पद पर तैनात था.
जांच में चौंकाने वाला खुलासा
जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि अभय कुमार तिवारी ब्लैकलिस्टेड कंपनी टीडीपीएल का मार्केटिंग मैनेजर रह चुका है. हैरान करने वाली बात यह है कि इसी टीडीपीएल कंपनी में रहते हुए उसने एक-दो बार नहीं, बल्कि पूरे चार बार जेपीएससी की परीक्षा पास की थी. इस अजीबोगरीब संयोग और कारनामों ने जांच एजेंसियों को भी सकते में डाल दिया है.
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अब तक 10 गिरफ्तारियां, पूर्व अध्यक्ष फिर तलब
बताते चलें कि 14वें जेपीएससी फर्जीवाड़ा मामले को लेकर 21 जुलाई को रांची पुलिस और सीआईडी ने संयुक्त रूप से जेपीएससी कार्यालय में ताबड़तोड़ छापेमारी की थी. इस पूरे प्रकरण में अब तक कुल 10 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है.
मामले की आंच अब शीर्ष पदों तक पहुंच चुकी है. जेपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष एल. ख्यांगते से सीआईडी अब तक दो दिनों तक मैराथन पूछताछ कर चुकी है. कड़ियों को जोड़ने के लिए सीआईडी ने उन्हें आगामी 31 जुलाई को एक बार फिर पूछताछ के लिए समन भेजा है.
