Ranchi: राजधानी रांची के अरगोड़ा थाना क्षेत्र से बीते दिनों लापता हुए दो नाबालिग बच्चों के अपहरण का मामला पूरी तरह फर्जी निकला है. पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि दोनों बच्चे किसी साजिश का शिकार नहीं हुए थे, बल्कि खुद ही अपने परिवार के घर चले गए थे. दोनों बच्चों को सकुशल बरामद कर लिया गया. इस मामले में एक बच्चे का बयान भी दर्ज किया गया है. पुलिस ने पूछताछ किया तो बच्चा ने बताया कि कई दिनों से परेशान और भूख लगी थी, जिसके कारण अपना घर छोड़ के अपने परिवार के घर चले गए थे.

23 जुलाई को दर्ज हुआ था मामला
मामला बीते 23 जुलाई का है, जब दोनों बच्चे अचानक घर से निकले और वापस नहीं लौटे. काफी खोजबीन के बाद भी जब बच्चों का कुछ पता नहीं चला, तो परेशान परिजनों ने अनहोनी की आशंका जताते हुए अरगोड़ा थाने में अज्ञात के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज करा दिया. मामला नाबालिगों से जुड़ा होने के कारण पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आया. अरगोड़ा पुलिस ने तकनीकी सेल की मदद से जांच शुरू की. पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले. फुटेज की कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस को अहम सुराग मिले, जिसमें बच्चों को अंतिम बार कडरू इलाके में देखा गया था. खोजबीन के बाद पता चला कि बच्चे रिश्तेदार के घर चला गया है.

परिजनों से पुलिस की अपील
इस संवेदनशील मामले के बाद रांची पुलिस ने आम जनता और अभिभावकों से विशेष अपील की है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अक्सर बच्चे घरेलू विवाद, पढ़ाई के तनाव या किसी अन्य नाराजगी के कारण बिना बताए घर छोड़ देते हैं. ऐसे में परिजनों को घबराने के बजाय सबसे पहले अपने स्तर पर रिश्तेदारों और दोस्तों के यहां छानबीन करनी चाहिए. पुलिस ने कहा कि माता-पिता अपने बच्चों के व्यवहार पर नजर रखें, उनके साथ दोस्ताना माहौल बनाएं और घर से अचानक चले जाने के कारणों को समझने का प्रयास करें. बिना पूरी पड़ताल किए सीधे अपहरण का मामला दर्ज कराने से पुलिस पर अनावश्यक दबाव बनता है और वास्तविक मामलों की जांच प्रभावित होती है.
