Ranchi: SDO कार्यालय और कोतवाली थाना की ओर से 35 अधिवक्ताओं को नोटिस जारी किए जाने के विरोध में रांची जिला बार एसोसिएशन (RDBA) ने मोर्चा खोल दिया है. नोटिस वापस लेने और अधिवक्ताओं की मांगों पर विचार किए जाने की मांग को लेकर मंगलवार से तीन दिवसीय हड़ताल शुरू हो गई. हड़ताल के पहले ही दिन SDO, DC न्यायालय और कार्यकारी दंडाधिकारी (एक्जीक्यूटिव साइड) से जुड़े हजारों मामलों का निष्पादन प्रभावित रहा, जिससे मुवक्किलों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. अधिवक्ताओं के न्यायिक कार्यो से अलग रहने के कारण जमीन विवाद, राजस्व, दाखिल-खारिज, प्रमाणपत्र और अन्य सिविल प्रकृति के मामलों में सुनवाई और आवश्यक प्रक्रियाएं प्रभावित रहीं. बड़ी संख्या में लोग अपने-अपने मामलों के निस्तारण की उम्मीद लेकर कार्यालय पहुंचे, लेकिन अधिवक्ताओं की अनुपस्थिति के कारण उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा.

अधिवक्ताओं में गहरा आक्रोश
इधर, नोटिस जारी होने के बाद अधिवक्ताओं में गहरा आक्रोश देखा गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए रांची जिला बार एसोसिएशन ने तत्काल आम सभा (जीबी) की बैठक बुलाकर 4, 5 और 6 अगस्त तक हड़ताल करने का निर्णय लिया. बार एसोसिएशन का कहना है कि जब तक अधिवक्ताओं की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.
RDBA की एडहॉक कमेटी के सदस्य संजय विद्रोही ने कहा कि फिलहाल अधिवक्ता एक्जीक्यूटिव साइड के सभी कार्यों से खुद को अलग रखेंगे. उन्होंने बताया कि 6 अगस्त को दोपहर 1:30 बजे एडहॉक कमेटी की बैठक होगी, जिसमें आंदोलन की आगामी रणनीति तय की जाएगी. हालांकि चेहल्लूम के कारण सिविल कोर्ट पहले से बंद होने से वहां के मामलों पर हड़ताल का अपेक्षाकृत कम असर पड़ा, लेकिन प्रशासनिक न्यायालयों में कामकाज लगभग पूरी तरह ठप रहा.

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