रांची: युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए सीसीएल की ओर से “नवचेतना” अभियान चलाया जा रहा है. इस पहल के तहत शहर के स्कूलों और कॉलेजों में जाकर छात्रों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में सरल भाषा में समझाया जा रहा है और उन्हें इससे दूर रहने के लिए प्रेरित किया जा रहा है.

इस अभियान की शुरुआत 11 मार्च 2026 को सीसीएल मुख्यालय, रांची में की गई थी. उद्घाटन के मौके पर “नवचेतना रथ” को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया. यह रथ शहर के अलग-अलग इलाकों में घूमते हुए स्कूलों और कॉलेजों तक पहुंच रहा है और छात्रों को नशा मुक्ति का संदेश दे रहा है.
16 से 18 मार्च के बीच यह अभियान रांची के कई प्रमुख शिक्षण संस्थानों में पहुंचा. इनमें रांची वीमेंस कॉलेज, बीआईटी मेसरा, सेंट जेवियर्स कॉलेज, उर्सुलाइन इंटर कॉलेज, कार्मेल स्कूल, डॉन बॉस्को, डीएवी पब्लिक स्कूल, केंद्रीय विद्यालय, डोरंडा कॉलेज और दिल्ली पब्लिक स्कूल जैसे संस्थान शामिल हैं. इन जगहों पर छात्रों को नशे के दुष्प्रभावों और उससे होने वाले नुकसान के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई.
अभियान के दौरान छात्रों को यह समझाया जा रहा है कि नशा उनके स्वास्थ्य, पढ़ाई और भविष्य को किस प्रकार प्रभावित कर सकता है. साथ ही उन्हें सकारात्मक सोच अपनाने और स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, ताकि वे अपने लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित कर सकें.
इस अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए कई रचनात्मक गतिविधियां भी कराई जा रही हैं. “Say No to Drugs” विषय पर ड्राइंग प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है, जिसमें छात्रों की अच्छी भागीदारी देखने को मिल रही है. इसमें चयनित 10 छात्रों को 5,000 रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा.
इसके अलावा पंपलेट, व्हाट्सएप, ईमेल और QR कोड के माध्यम से भी जागरूकता फैलाई जा रही है. विशेषज्ञों के साथ पॉडकास्ट, स्थानीय आरजे और इन्फ्लुएंसर्स के जरिए भी नशा मुक्ति का संदेश लोगों तक पहुंचाया जा रहा है. रेडियो और मीडिया के माध्यम से इस अभियान को और अधिक व्यापक स्तर पर फैलाने का प्रयास किया जा रहा है.

