आंखों में आंसू, चेहरे पर सुकून: JSSC-CGL परीक्षा रद्द होने पर झझकोर देने वाली खुशी

Ranchi: झारखंड की राजधानी रांची में इन दिनों न्याय की आस में सड़कों पर उतरे युवाओं के संघर्ष का एक ऐसा दौर...

जब विक्ट्री साइन दिखाते हुए फफक पड़े युवा
जब विक्ट्री साइन दिखाते हुए फफक पड़े युवा

Ranchi: झारखंड की राजधानी रांची में इन दिनों न्याय की आस में सड़कों पर उतरे युवाओं के संघर्ष का एक ऐसा दौर चल रहा था, जिसने हर किसी का दिल पिघला दिया. लंबे समय से JSSC CGL परीक्षा में हुई गड़बड़ियों और पेपर लीक के खिलाफ छात्रों का आंदोलन जारी था. सोमवार को जब सरकार की ओर से यह ऐतिहासिक घोषणा हुई कि परीक्षा एजेंसी TDPL द्वारा साल 2014 के बाद से आयोजित सभी परीक्षाएं रद्द कर दी जाएंगी, तो छात्रों के सब्र का बांध छलक पड़ा.

जब विक्ट्री साइन दिखाते हुए फफक पड़े युवा

घोषणा के तुरंत बाद, आंदोलन स्थल पर मौजूद युवाओं के चेहरों पर जीत की खुशी साफ झलक रही थी, लेकिन उनकी आंखें नम थीं. कई छात्र हाथ में विक्ट्री साइन (जीत का इशारा) लिए हुए फफक-फफक कर रोने लगे. यह आंसू सिर्फ खुशी के नहीं थे, बल्कि उस महीनों लंबी मानसिक पीड़ा, लाठी-डंडों के डर और अपने भविष्य को लेकर अंतहीन अनिश्चितता के थे, जिसे इन युवाओं ने अकेले झेला था. रात-दिन ठंड और धूप की परवाह किए बिना सड़क पर डटे इन छात्रों के लिए यह पल किसी चमत्कार से कम नहीं था.

अनशन टूटने का भावुक क्षण और भविष्य की चिंता

छात्रों के भारी विरोध और राहुल गांधी द्वारा CM हेमंत सोरेन को लिखे गए पत्रों के बीच सरकार ने आखिरकार युवाओं की सुध ली. छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो जो आमरण अनशन पर बैठे थे, उन्होंने सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए अपना अनशन समाप्त करने का ऐलान किया. हालांकि, उनका यह संकल्प भी मार्मिक था कि अनशन टूटने के बाद भी उनका संघर्ष थमेगा नहीं. उन्होंने सरकार से यह गहरी और न्यायसंगत मांग की कि भविष्य में कभी किसी भी गरीब परिवार के बच्चे के भविष्य के साथ खिलवाड़ न हो और पेपर लीक की घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगे. झारखंड के इन युवाओं का यह संघर्ष इस बात का गवाह बन गया कि जब हौसले बुलंद हों, तो व्यवस्था को भी झुकना ही पड़ता है.

ALSO READ: सरायकेला में कोयला लदी मालगाड़ी में लगी आग, चालक की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा, चांडिल फायर ब्रिगेड ने पाया काबू

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *