Ranchi: एक बार फिर से हेमंत ने एक ऐसा शॉट खेला है जिससे उनके सभी विपक्षी दल धराशाही हो गए हैं. छात्रों की बात मान ली गयीं. बात अब यहीं खत्म हो जानी चाहिए. बात बढ़ाने वालेे अब सोशल मीडिया पर पर उल्टी भी कर सकते हैं. उल्टी वैसे वाली जो बदबू कर सकती है.

थोड़ी देर लगी, लेकिन आए दुरस्त:
इस बात में कहीं कोई शक नहीं है कि हेमंत सोरेन को फैसला लेने में थोड़ा समय लगा. हो सकता है कि उन्हें सारी बातों को समझने के लिए पूरा रिसर्च करना पड़ा हो, लेकिन अब जो उन्होंने कहा है कि टीडीपीएल की तरफ से जो भी परीक्षाएं ली गई हैं उसे रद्द किया जाता है. छात्रों की मांग थी कि टीडीपीएल की तरफ से ली गई परीक्षाओं को रद्द किया जाए. और हेमंत सोरेन ने अपना जिगरा दिखाते हुए सारी परीक्षाओं को रद्द कर दिया.
एक राज्य का मुखिया ऐसा कदम उठाता है:
यह संदेश पूरे देश को जाता है कि एक राज्य का मुखिया ऐसा कदम उठाता है, जिससे चलने वाले आंदोलन को शांत किया जाए. हेमंत सोरेन की तारीफ इसलिए की जानी चाहिए क्योंकि, उसने एक ऐसा काम किया जो शायद ही किसी राज्य में किया क्या हो. आगे जांच की प्रक्रिया जारी है, और देखा जाना होगा कि क्या होता है?

