Chaibasa: पश्चिमी सिंहभूम जिले में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए विशेष सड़क सुरक्षा अभियान चलाया जा रहा है. पथ निर्माण विभाग, पथ प्रमंडल चाईबासा की ओर से “दो मिनट की देरी मंजूर, लेकिन सुरक्षित घर पहुँचना जरूर” अभियान के तहत सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न कार्य किए जा रहे हैं.

दुर्घटना संभावित स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत
अभियान के तहत जिले में दुर्घटना संभावित स्थलों को चिन्हित कर आवश्यक सुधारात्मक और सुरक्षात्मक कार्य किए जा रहे हैं. सड़क किनारे और प्रमुख स्थानों पर गतिअवरोधक, चेतावनी एवं मार्गदर्शक संकेतक लगाए जा रहे हैं. पुराने या क्षतिग्रस्त संकेतकों को भी बदला जा रहा है.
रोड मार्किंग और रिफ्लेक्टर से बढ़ेगी सुरक्षा
वाहन चालकों को सड़क पर दिशा और गति संबंधी स्पष्ट जानकारी देने के लिए रोड मार्किंग, कैट्स आई, रिफ्लेक्टर और स्पीड वार्निंग संकेत लगाए जा रहे हैं. इसके अलावा आवश्यक स्थानों पर क्रैश बैरियर, सुरक्षा रेलिंग समेत अन्य सड़क सुरक्षा संरचनाओं को मजबूत किया जा रहा है.
यातायात नियमों का पालन करने की अपील
जिला प्रशासन और संबंधित विभाग ने वाहन चालकों से निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है. दोपहिया वाहन चालकों से हेलमेट और चारपहिया वाहन चालकों से सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से इस्तेमाल करने को कहा गया है.
नशे में ड्राइविंग और मोबाइल इस्तेमाल से बचें
अभियान के तहत नशे की हालत में वाहन नहीं चलाने और ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करने की भी अपील की गई है. खासकर दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में सड़क पर लगे संकेतकों और चेतावनी चिन्हों का पालन करते हुए अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है.
सड़क सुरक्षा के साथ जागरूकता पर भी जोर
अधिकारियों के अनुसार, अभियान का उद्देश्य केवल सड़क संरचनाओं को सुरक्षित बनाना ही नहीं, बल्कि आम लोगों में जिम्मेदार यातायात व्यवहार के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी है. नागरिकों से स्वयं यातायात नियमों का पालन करने के साथ परिवार और आसपास के लोगों को भी सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की अपील की गई है.
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