Lohardaga: झारखंड सरकार द्वारा जेएसएससी, सीजीएल समेत टीडीपीएल के माध्यम से आयोजित परीक्षाओं को रद्द करने के फैसले का कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू ने स्वागत किया है. उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के फैसले को युवाओं और छात्रों के हित में उठाया गया ऐतिहासिक और साहसिक कदम बताया.धीरज प्रसाद साहू ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पारदर्शिता को लेकर छात्रों में काफी असंतोष था. ऐसे समय में सरकार ने छात्रों की मांगों को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करने की दिशा में फैसला लिया है.

युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ को बर्दाश्त नहीं करेगी- धीरज प्रसाद साहू
उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी तरह की अनियमितता, भ्रष्टाचार या युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ को बर्दाश्त नहीं करेगी. सरकार का उद्देश्य योग्य और मेहनती अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने के साथ भर्ती प्रक्रिया में लोगों का भरोसा कायम करना है. पूर्व राज्यसभा सांसद ने कहा कि सरकार पहले ही 14वीं जेपीएससी और बैकलॉग की दो परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय ले चुकी है. अब जेएसएससी और अन्य परीक्षाओं को लेकर लिया गया फैसला भी पारदर्शी व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.
योग्य अभ्यर्थियों को उनका अधिकार मिलेगा
उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में होने वाली प्रतियोगी परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और सख्त निगरानी के साथ आयोजित की जाएंगी, ताकि योग्य अभ्यर्थियों को उनका अधिकार मिल सके. धीरज प्रसाद साहू ने छात्रों और युवाओं से संयम बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि सरकार उनकी चिंताओं से अवगत है और उनके हितों की रक्षा के लिए जरूरी कदम उठा रही है. उन्होंने कहा कि यह फैसला राज्य के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखकर लिया गया है.
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