झारखंड: ईद-मिलाद-उन-नबी को लेकर अलर्ट जारी, संवेदनशील जिलों में कड़ी निगरानी, सोशल मीडिया और असामाजिक तत्वों पर रहेगी विशेष नजर, पूर्व में हुई घटनाओं का दिया गया हवाला

Ranchi: झारखंड पुलिस मुख्यालय ने आगामी त्योहार ईद-मिलाद-उन-नबी (संभावित तिथि 26 अगस्त 2026, जो चांद के दीदार पर निर्भर करेगी) को लेकर...

Eid-Milad-un-Nabi
Jharkhand: Alert issued for Eid-Milad-un-Nabi

Ranchi: झारखंड पुलिस मुख्यालय ने आगामी त्योहार ईद-मिलाद-उन-नबी (संभावित तिथि 26 अगस्त 2026, जो चांद के दीदार पर निर्भर करेगी) को लेकर राज्यभर में हाई अलर्ट जारी किया है. पुलिस मुख्यालय की ओर से राज्य के सभी डीसी और एसपी को पूर्वानुमान व सतर्कता बरतने के लिए विशेष दिशा-निर्देश भेजे गए हैं. इस त्योहार के अवसर पर मोहल्लों में तकरीर, मिलाद, फातिहा, नात-ए-कलाम के साथ-साथ बड़े पैमाने पर जुलूस निकाले जाते हैं. कानून-व्यवस्था और शांति बनाए रखने के उद्देश्य से प्रशासन ने पिछले वर्षों में घटी विवादित घटनाओं को ध्यान में रखते हुए व्यापक रणनीति तैयार की है.

हाल वर्षों की संवेदनशील घटनाओं का दिया गया हवाला

– जारी पत्र में राज्य के विभिन्न जिलों में पूर्व में हुई अप्रिय घटनाओं का उल्लेख करते हुए अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है.

  • बोकारो: वर्ष 2025 में तेनुघाट (नैनाटांड) में पर्व से पूर्व असामाजिक तत्वों द्वारा धार्मिक झंडे के साथ छेड़छाड़ की घटना से आक्रोश की स्थिति बनी थी. इसके अलावा 2021 में पिंड्राजोरा क्षेत्र (बहादुरपुर) में पशु क्रूरता से जुड़ा आपराधिक मामला सामने आया था, जिस पर कांड दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की गई थी.
  •  साहेबगंज: वर्ष 2019 में दुर्गापूजा प्रतिमा विसर्जन व ईद-मिलाद-उन-नबी के दौरान कृष्णानगर और कुलीपाड़ा क्षेत्र में भड़काऊ नारेबाजी, पथराव और हिंसक झड़प की घटनाएं घटी थीं, जिसमें दोनों पक्षों पर पुलिस में मामले दर्ज हुए थे.
  • हजारीबाग: वर्ष 2019 में लोहसिंघना थाना क्षेत्र के नूरा में सजावट के लिए बांस गाड़ने को लेकर दो पक्षों के बीच मारपीट व पत्थरबाजी की घटना हुई थी.

प्रशासनिक स्तर पर सूचना संकलन के लिए मुख्य बिंदु

  • सभी थानों और अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों से निम्नलिखित सूचनाएं तत्काल संकलित करें.
  • जुलूसों की कुल संख्या (लाइरेंसी एवं गैर-लाइरेंसी) तथा उनके नेतृत्वकर्ताओं के नाम और मोबाइल नंबर.
  • जुलूस मार्ग में पड़ने वाले संवेदनशील स्थल और पूर्व में विवादित रहे स्थानों का विवरण
  • पूर्व के वर्षों (2021-2025) में विधि-व्यवस्था प्रभावित करने वाले असामाजिक तत्वों की सूची.
  • धर्म, जाति या संप्रदाय की भावनाओं को आहत करने वाले व्हाट्सप ग्रुप, फेसबुक व अन्य सोशल मीडिया अकाउंट्स और उनके एडमिन की सूची.

सुरक्षा एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने हेतु मुख्य दिशा-निर्देश

  •  शांति समिति एवं समन्वय: स्थानीय स्तर पर शांति समिति की बैठकें आयोजित कर विवादित बिंदुओं का त्वरित समाधान निकाला जाए. दोनों समुदायों के गणमान्य व्यक्तियों और धार्मिक प्रमुखों से लगातार संपर्क बनाए रखा जाए.
  • असामाजिक तत्वों व उपद्रवियों पर नजर: पूर्व में सांप्रदायिक दंगों या अफवाह फैलाने में संलिप्त रहे व्यक्तियों पर कड़ी निगरानी रखी जाए.
  • प्रतिबंधित सामग्री व शराब पर रोक: अवैध शराब, प्रतिबंधित मांस की बिक्री और जुआ अड्डों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं. पर्व के दौरान शुष्क दिवस (ड्राय डे) का आदेश जारी कर शराब बंदी सुनिश्चित की जाएगी.
  • डीजे और उत्तेजक नारों पर प्रतिबंध: लाउडस्पीकर व डीजे पर बजाए जाने वाले उत्तेजक गानों और भड़काऊ नारों पर सतत निगरानी रहेगी.
  • इबादतगाहों की सुरक्षा व बिजली व्यवस्था: धार्मिक स्थलों और इबादतगाहों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने और जुलूस मार्ग में कम ऊंचाई वाले बिजली तारों व हाईटेंशन तारों की मरम्मत कराने के निर्देश दिए गए हैं ताकि कोई दुर्घटना न हो.
  • सोशल मीडिया एवं गश्त: सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की जाएगी. पीसीआर वाहनों और पुलिस बल द्वारा संवेदनशील तथा मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में सघन गश्त की जाएगी.

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