Hazaribagh : हजारीबाग मंडल आयोग के जनक, सामाजिक न्याय के अग्रणी योद्धा और चौकीदार-दफादारों के उद्धारक माने जाने वाले पूर्व सांसद स्वर्गीय राम अवधेश सिंह की 89वीं जयंती हजारीबाग के शहीद स्मारक में गरिमामय माहौल में मनाई गई. यह आयोजन झारखंड राज्य दफादार चौकीदार पंचायत के तत्वावधान में हुआ, जिसमें प्रदेशभर से चौकीदार और दफादार अपने अधिकारों की आवाज उठाने के लिए शामिल हुए. कार्यक्रम की अध्यक्षता पंचायत के प्रदेश अध्यक्ष कृष्ण दयाल सिंह ने की, जबकि मंच संचालन हजारीबाग जिलाध्यक्ष रामदेव प्रसाद यादव और जिला सचिव मुनिलाल पासवान ने संयुक्त रूप से किया। मुख्य अतिथि झारखंड राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष (पूर्व विधायक) जानकी प्रसाद यादव, विशिष्ट अतिथि नगर निगम महापौर अरविंद राणा तथा कारगिल शहीद विद्यानंद सिंह के पुत्र रवि शंकर ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया. इसके बाद सभी उपस्थित लोगों ने स्वर्गीय राम अवधेश सिंह की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी.
सरकार से बड़ी मांगें
जयंती समारोह को संबोधित करते हुए और अध्यक्षता करते हुए प्रदेश अध्यक्ष कृष्ण दयाल सिंह ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सीधे तौर पर बड़ी मांग की. उन्होंने कहा कि सेवा विमुक्त चौकीदारों को पुनः सेवा में योगदान कराने और 01 जनवरी, 1990 के पूर्व व बाद में सेवानिवृत्त हुए चौकीदार, दफादार, घटवार, दिगवार और सरदारों के आश्रितों की नियुक्ति पूर्व की प्रक्रिया के अनुसार होनी चाहिए. इसके लिए उन्होंने भारतीय संविधान के अनुच्छेद-16(4) की भावना के आलोक में राज्य सरकार से तत्काल एक अध्यादेश जारी करने या ‘झारखंड ग्राम चौकीदार (संशोधन) विधेयक-2025’ को अविलंब पारित कराने का पुरजोर आग्रह किया.
हजारीबाग प्रशासन पर बरसे प्रदेश अध्यक्ष
श्री सिंह ने हजारीबाग जिला प्रशासन की कार्यशैली पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि हजारीबाग जिला के चौकीदार, दिग्वार और दफादारों को पिछले लगभग 36 वर्षों से ए.सी.पी. और एम.ए.सी.पी. का लाभ नहीं मिलना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और यह सीधे तौर पर प्रशासनिक उदासीनता व घोर लापरवाही का नतीजा है. उन्होंने याद दिलाया कि इसी मांग को लेकर पिछले वर्ष हजारीबाग उपायुक्त कार्यालय के समक्ष एक सप्ताह तक क्रमबद्ध अनशन भी किया गया था. श्री सिंह ने प्रशासन को कड़ा अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर एक पखवारे के भीतर हमारी इन जायज मांगों पर सकारात्मक काम नहीं हुआ, तो संगठन बाध्य होकर एक बार फिर हजारीबाग उपायुक्त के सामने उग्र आंदोलन का बिगुल फूंकेगा.
पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष को सौंपा मांग पत्र
समारोह के दौरान सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर झारखंड राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष जानकी प्रसाद यादव को अपनी मांगों का एक विस्तृत मांग पत्र सौंपा गया। मांग पत्र स्वीकार करते हुए श्री यादव ने मंच से आश्वस्त किया कि वे इस मांग पत्र को अपनी विशेष सिफारिश के साथ सीधे मुख्यमंत्री और हजारीबाग उपायुक्त के समक्ष रखेंगे और इन सभी आवश्यक मांगों को जल्द से जल्द पूरा करने का व्यक्तिगत अनुरोध करेंगे।
जयंती समारोह में सर्वसम्मति से पारित प्रमुख मांगें हैं
रांची, जमशेदपुर और बोकारो जैसे प्रमुख शहरों में सामाजिक न्याय के प्रणेता राम अवधेश सिंह की आदमकद प्रतिमा स्थापित की जाए. सेवा विमुक्त चौकीदारों को बिना किसी विलंब के पुनः सेवा में योगदान कराया जाए. झारखंड चौकीदार संवर्ग नियमावली-2015 में आवश्यक संशोधन करके एवजी चौकीदारों की नियुक्ति पुरानी प्रक्रिया के अनुसार करने का स्पष्ट प्रावधान जोड़ा जाए. चौकीदारी मैनुअल और राज्य सरकार के मूल आदेशों के अनुरूप ही ड्यूटी ली जाए, और इसका सख्त निर्देश पुनः सभी उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को जारी किया जाए.
समारोह में इन प्रमुख चेहरों की रही उपस्थिति
इस ऐतिहासिक जयंती सह संकल्प समारोह को सफल बनाने में मुख्य रूप से चतरा के जिलाध्यक्ष उमेश पासवान, ब्रह्मदेव शर्मा, बलदेव यादव, जितेंद्र यादव, दशरथ ठाकुर, रमेश पासवान, द्वारिका पासवान, कैलाश पासवान और राजू पासवान सहित सैकड़ों की संख्या में दफादार और चौकीदार उपस्थित रहे, जिन्होंने अपने अधिकारों की रक्षा के लिए अंतिम दम तक संघर्ष करने का संकल्प लिया.
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